लखनऊ/उत्तर प्रदेश: अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेरफेर का मामला अब पूरी तरह से सियासी दंगल में तब्दील हो चुका है। विपक्ष के तीखे हमलों के बीच अब सत्तापक्ष भी फ्रंटफुट पर आकर जवाब दे रहा है। गोरखपुर से BJP सांसद और अभिनेता रवि किशन ने इस पूरे विवाद पर समाजवादी पार्टी को आड़े हाथों लिया है, तो वहीं सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सरकार को घेरते हुए सीधे न्यायिक जांच की मांग की है।
#WATCH | बलिया, उत्तर प्रदेश: भाजपा सांसद रवि किशन ने अयोध्या राम मंदिर में भगवान राम को चढ़ाए गए चढ़ावे में कथित अनियमितताओं पर कहा, “जिसने भी पाप किया है उसे कड़ी सज़ा मिलेगी। विपक्षियों, समाजवादी पार्टी को चिंता करने की जरूरत नहीं है। ये राम विरोधी रहे हैं, राम मंदिर के विरोध… pic.twitter.com/GmMLQ2Z8VY
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 16, 2026
‘राम विरोधी आज शुभचिंतक न बनें’: रवि किशन
बलिया के नगरा में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे BJP सांसद रवि किशन ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। विपक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जिसने भी पाप किया है, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। विपक्ष और खासकर समाजवादी पार्टी को इस बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है। जो लोग हमेशा राम मंदिर के विरोधी रहे, वो आज अचानक शुभचिंतक बनने का नाटक न करें। उत्तर प्रदेश में मोदी-योगी की सरकार है, यहाँ न्याय होकर रहेगा।”
‘चढ़ावे से चंदे और जमीन तक पहुंची बात’: अखिलेश यादव
इससे पहले सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने इस कथित गड़बड़ी को लेकर BJP सरकार और मंदिर ट्रस्ट पर बड़ा हमला बोला। अखिलेश यादव ने मांग की कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में बने हर कॉरिडोर और चौड़ीकरण की योजना की बहुसदस्यीय न्यायिक जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इतने बड़े घोटाले बिना मिलीभगत के नहीं होते। इस जांच के दायरे में ट्रस्टी, कमेटी के सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी सभी आने चाहिए। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा कि आगे-आगे देखिए होता है क्या? बात चढ़ावे से शुरू हुई थी, जो चंदे और जमीन से होते हुए अब अरबों रुपए की श्रीराम शिलाओं के गायब होने तक पहुंच गई है। पिछले कुछ सालों में जो भी लोग इन कामों से जुड़े रहे हैं, उनकी गैरकानूनी तरीके से कमाई गई काली संपत्ति की जांच होनी चाहिए।
‘BJP राजनीतिक दल नहीं, गैंग है’
सपा मुखिया ने सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बजट की लूट तो चल ही रही थी, अब राम मंदिर के चढ़ावे को भी नहीं छोड़ा गया। उन्होंने कहा कि भाजपा कोई राजनीतिक दल नहीं बल्कि एक गैंग की तरह काम कर रही है, जो संगठित तरीके से घपले कर रहा है। इनका काम सिर्फ झूठ बोलना और जनता से फरेब करना है, लेकिन जनता अब इनकी असलियत समझ चुकी है और 2027 के विधानसभा चुनाव में इन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी।
फिलहाल, अयोध्या में चल रही एसआईटी (SIT) की जांच के बीच इस सियासी बयानबाजी ने उत्तर प्रदेश का सियासी पारा गरमा दिया है। एक तरफ जहां विपक्ष इसे भ्रष्टाचार का बड़ा मुद्दा बनाने में जुटा है, वहीं सरकार और भाजपा इसे राम मंदिर की छवि खराब करने की साजिश बता रहे हैं।