Immunity बढ़ाने के A to Z उपाय, फल से लेकर विटामिन तक, डाइट से लेकर मशीन तक

 

कोरोना के बाद चीन से एक बार फिर महामारी आने के संकेत आ रहे हैं। फेफड़ों से जुड़ी इस बीमारी के कारण चीन में सैकड़ों स्कूल बंद कर दिए गए हैं। अपने देश में भी राज्यों को सचेत कर दिया गया है। ऐसे में हमें अपने शरीर की इम्यूनिटी को बेहतर बनाकर रखना है ताकि चुनौती आने पर शरीर उसे झेल सके। अपनी इम्यूनिटी और फेफड़ों की क्षमता आदि को बेहतर करने के उपाय यहां बताए जा रहे हैं।

दिल को ऐसे रखें दुरुस्त

  1. रात 10 से 10:30 तक जरूर सोने चले जाएं। इसके बाद 7-8 घंटे की नींद पूरी करें। अगर रात में नींद पूरी नहीं होती तो सुबह उठकर एक्सरसाइज और ब्रेकफस्ट आदि करने के घंटे भर बाद एकाध घंटे की नैप ले सकते हैं।
  2. रोज 45 मिनट से 1 घंटे तक का ब्रिस्क वॉक या फिर कोई भी एरोबिक्स एक्सरसाइज करनी चाहिए।
  3. 20 मिनट योगासनः ताड़ासन, त्रिकोणासन, सूर्य नमस्कार, पवनमुक्तासन, भुजंगासन, धनुरासन, शशकासन आदि। स्ट्रेचिंग के लिए योग बहुत अच्छा है। अलग-अलग आसन नहीं करना चाहते या वक्त की कमी है तो 20 बार सिर्फ सूर्य नमस्कार कर लें।
  4. रात में सोते समय गुनगुने पानी से गरारे करें। दिन भर बाहर रहने से भी वायरस या बैक्टीरिया नाक और मुंह के माध्यम से गले तक पहुंचता है। वह गरारे से खत्म हो जाएगा।
  5. कोई भी आउटडोर गेम खेलें।
  6. योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। हर दिन 15 मिनट से 30 मिनट तक अनुलोम-विलोम और सूर्य नमस्कार करने से फायदा होता है।
  7. वजन को नियंत्रित रखें। ओवरवेट होने पर शरीर के तमाम तंत्र पर बुरा असर पड़ता है जो इम्यून सिस्टम को कमजोर बनाता है।
  8. स्मोकिंग और शराब पीने की लत शरीर को कई तरह से नुकसान पहुंचाती है।

Minerals For Immunity: इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए जरूरी हैं ये मिनरल,जिसके लिए खाएं ये चीज़ें

इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए इन अंगों का मजबूत होना है जरूरी

जिगर

लिवर हमारे शरीर में 300 से ज्यादा काम को अंजाम देता है। इसके कमजोर होने से शरीर की इम्यूनिटी भी कमजोर हो जाती है। मोटापा आने से फैटी लिवर की शिकायत भी आ जाती है। इससे लिवर अपना काम सही तरीके से नहीं कर पाता। इसलिए इसका ख्याल रखना भी बहुत जरूरी है।

जिगर के लिए ये हैं सबसे 4 खास बातें
1. लिवर की पसंद को न भूलें
फाइबर युक्त चीजों को जितना ज्यादा खाएंगे उतना ही फायदा लिवर को होगा। मौसमी फल और सब्जियों जैसे: संतरा, अमरूद, मूली, गाजर, पालक, साग आदि ज्यादा खाएं।

2. विटामिन C ज्यादा लें
यह डोज दवा के रूप में नहीं, कुदरती होनी चाहिए। एक नींबू का रस एक गिलास पानी में मिलाकर लें या एक संतरे का रस या एक आंवला या एक प्लेट अन्नानास रोज लेना चाहिए। इससे विटामिन-सी की कमी नहीं होती।

3. डिटॉक्सिफिकेशन को ज्यादा अहमियत दें

हमारे खाने में अगर कोई हानिकारक चीज है तो वह लिवर में भी जमा हो जाती है। हानिकारक चीजों को बाहर निकालने का एक बड़ा ही आसान तरीका है डिटॉक्सिफिकेशन। हम इसे भूल जाते हैं। इसके लिए सुबह खाली पेट एक गिलास सामान्य पानी या एक गिलास गुनगुने पानी में एक नींबू निचोड़कर पी लें।

अगर ज्यादा फायदा चाहिए तो रात में किसी शीशे के जार में 2 लीटर पानी में 2 नीबू को छिलके समेत काटकर डाल दें। साथ में खीरा भी डाल सकते हैं। सुबह छान लें। फिर इसे दिनभर पीते रहें। इससे शरीर दिनभर डिटॉक्स होता रहेगा।

4. गलत चीजों की आदत न लगाएं और एक्सरसाइज करें
शराब, पैक्ड फूड, स्टोर करके रखे जाने वाले नॉनवेज आइटम्स आदि से दूरी रखनी चाहिए। वैसे तो शराब हानिकारक है, हफ्ते में 60 एमएल से ज्यादा एल्कोहल नहीं लेना चाहिए।

इन्हें स्टोर करने या इनकी लाइफ बढ़ाने के लिए जिन रसायनों (फॉर्मलिन: मरने के बाद इंसानी शरीर को लंबे समय तक सही रखने के लिए इसका इस्तेमाल होता है।) का इस्तेमाल होता है, वे लिवर के लिए बहुत ज्यादा हानिकारक होते हैं। लिवर को मजबूत बनाने में एक्सरसाइज और फिजिकल एक्टिविटीज का अहम रोल होता है। हर दिन 45 मिनट की फिजिकल एक्टविटीज से भी फैटी लिवर नहीं होता।

फेफड़े

अगर किसी तरह की परेशानी नहीं है तो भी सचेत होने की जरूरत है क्योंकि अब पलूशन भी बड़ा दुश्मन है। यह दुश्मन हमारे फेफड़ों को बहुत बीमार कर सकता है। कैसे बचें इनसे…
1. घर से बाहर निकलने पर ऐसा मास्क लगाकर रखना जो कोरोना और पलशून दोनों से बचाव करे। N95 मास्क लगा सकते हैं।
2. सिगरेट, बीड़ी, तंबाकू जैसी चीजों से पूरी तरह तौबा करना और पैसिव स्मोकर भी न बनना।
3. घर में धूप या अगरबत्ती न जलाना। इसके धुएं से सांस लेने में परेशानी हो सकती हैं।

ऐसे जानें फेफड़ों में है कितना दम
1. Balloon

घर पर अपने फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने के लिए गुब्बारे काफी मददगार हैं। इसके लिए किसी भी साइज के बलून ले आएं। बड़े साइज के हों तो बेहतर। गुब्बारे को अपने मुंह से हवा भरकर फुलाएं। हवा भरने के लिए पहले ज्यादा से ज्यादा हवा अपने फेफड़ों में भरें। इसके बाद उसे बलून के अंदर डालें।
अगर फूले हुए बलून हों तो उनसे हवा निकालकर उन्हें दोबारा फुला सकते हैं। अगर काफी सारे गुब्बारे फुला चुके हों उन्हें जरूरतमंद बच्चों में बांट दें। इससे बच्चे भी खुश और उनकी खुशी देखकर हम भी खुश। इस बात का भी ध्यान रखें कि बलून को फुलाना तब बंद कर दें जब मुंह या जबड़े में दर्द होने लगे।

ऐसा देखा जाता है कि अगर पहले दिन किसी ने एक बलून फुलाया और वह दूसरे दिन 2 फुला लेता है तो यह फेफड़ों की बढ़ती क्षमता को ही बताता है। कोरोना से उबरे हैं तो 1 से 2, नहीं तो 4 से 5 बलून फुला सकते हैं। कीमत: 20 से 50 रुपये, (10 से 20 गुब्बारों का पैकिट)

2. Three Balls Spirometer
सांस की क्षमता को जांचने और बढ़ाने में ‘थ्री बॉल्स स्पाइरोमीटर’ का इस्तेमाल भी कारगर है। इसमें एक पाइप होता है और 3 प्लास्टिक की हल्की बॉल। पाइप में फूंक मारनी होती है। अगर किसी के फूंक मारने से तीनों बॉल ऊपर उठ जाती हैं तो समझें उनके फेफड़ों की क्षमता अच्छी है।

अगर 2 बॉल उठ रही हैं तो क्षमता कुछ कम है। अगर 1 ही उठ रही है तो उन्हें अपनी क्षमता को बढ़ाने की जरूरत है। इस मशीन का इस्तेमाल दिन में 2 से 3 बार कर सकते हैं जब तक क्षमता सही न हो जाए। कीमत: 250 से 400 रुपये

3. Peak Expiratory Flow Meter

फेफड़ों की क्षमता को मापने के लिए पीईएफआर टेस्ट भी एक अच्छा तरीका है। इसमें भी फूंक मारनी होती है। फूंक मारने के बाद अगर संकेत हरे रंग तक पहुंचता है तो फेफड़ों की स्थिति अच्छी है। अगर पीले रंग तक पहुंचता है तो सुधार की जरूरत है और लाल रंग पर मामला अटकता है तो डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं या फिर धीरे-धीरे यहां बताए हुए तरीकों से फेफड़ों की क्षमता बढ़ा सकते हैं। कीमत: करीब 800 रुपये

4. सांस रोकना
इनके अलावा सांस रोकने की क्षमता से भी पता चलता है कि फेफड़े कैसा काम कर रहे हैं। अगर कोई शख्स लंबी सांस खींचकर 1 से डेढ़ मिनट तक सांस रोककर रख ले तो यह मान लिया जाता है कि उसके फेफड़ों की क्षमता अच्छी है।

क्योंकि उसके फेफड़ों ने काफी अच्छी मात्रा में बाहर की हवा को शरीर के भीतर पहुंचाया। यहां इस बात का ध्यान रखें कि अगर कोई 30 सेकंड तक ही अपनी सांस रोक पाता है तो धीरे-धीरे कोशिशों से उसकी क्षमता भी बढ़ जाती है। ध्यान दें: ऊपर बताए हुए सभी तरीकों को 7 साल से बड़ा बच्चा भी कर सकता है, खासकर बलून वाला।

विटामिन D, C सबसे खास
धूप से जरूरी विटामिन

खानपान और एक्सरसाइज से हम इम्यूनिटी बढ़ा सकते हैं। हमें रोजाना 2000 IU विटामिन-डी की जरूरत होती है। यह बैक्टीरिया और वायरस को मारने में मदद करता है। इसलिए कोरोना के मरीज को बालकनी या ऐसी खिड़की वाले कमरे में रहें जहां भरपूर धूप आती हो। जब धूप आए तो खिड़की के शीशे खोल देने चाहिए। शीशे बंद हों तो शरीर पर पड़ने वाली धूप से किसी के शरीर में विटामिन-डी नहीं बनता।

इसकी कमी से परेशानी: वैसे जिन लोगों में विटामिन-डी की कमी हो, उनमें इंफेक्शन होने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है। कुछ रिसर्च भी बताती हैं जब दो टारगेट ग्रुप में कोरोना हुआ था तो जिनमें विटामिन-डी की कमी थी, उस ग्रुप में कोरोना के लक्षण ज्यादा आए। जिनका विटामिन-डी का लेवल कम हो उनके लिए यह घातक भी हो सकता है। विटामिन-डी का 80 फीसदी हिस्सा धूप से मिलता है जबकि डाइट से 20 फीसदी।

दो तरह का विटामिन-D

  • विटामिन-D2 सब्जियों, ब्रोकली, बादाम, दूध, अंडा, मशरूम से मिलता है।
  • विटामिन-D3 दवा के रूप में – लिक्विड, जैल, मीठे सिरप, गोली, ऑयल, मिल्क, इंजेक्शन से।
  • सप्लिमेंट के तौर पर एक वयस्क को 60000 IU विटामिन-D की मात्रा हर हफ्ते लेनी होती है। इसे लगातार 8 हफ्तों तक यानी 2 महीनों तक लेते हैं। इसके बाद हर महीने पर 60000 IU दिया जाता है। विटामिन-D सप्लिमेंट के साथ कुछ सैशे या गोलियों में कैल्शियम सिट्रेट भी होता है।
  • लेकिन आमतौर पर हमारा कैल्शियम कम नहीं होता, विटामिन-D ही कम होता है। हर 6 महीने में विटामिन-D का टेस्ट करवाना चाहिए। खून में इसकी प्रचुरता 30 नैनोग्राम से ऊपर और 100 से कम होनी चाहिए। 18 साल तक के बच्चों को रोजाना 800 से 1000 IU विटामिन-D की जरूरत होती है।
  • धूप के सेवन से शरीर में जहां पर्याप्त मात्रा में विटामिन-D पहुंचता है, वहीं शरीर पर मौजूद बैक्टीरिया और वायरस का भी सफाया होता है।
  • विटामिन-D शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाता है।

बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए धूप

  • बच्चे के बेहतर विकास और बॉडी की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए विटामिन-D की खूब जरूरत होती है। पर्याप्त विटामिन-D लेने पर ही उनकी हड्डियां मजबूत होंगी। विटामिन-D के लिए धूप में बैठना जरूरी है।
  • बच्चों को जरूर धूप में बैठने के लिए कहना चाहिए।
  • बात चाहे नवजात की हो या फिर किशोर की, अगर विटामिन-D का स्तर सही रखना है तो उन्हें कम से कम 1 घंटा रोज धूप में रहना या खेलना चाहिए।

धूप सेंकने का सही समय और तरीका
इस बात पर विवाद है कि विटामिन-डी के लिए धूप सेंकने का सही समय क्या है? अलग-अलग एक्सपर्ट अलग-अलग टाइम बताते हैं। हम यहां आपको एक औसत समय बता रहे हैं:

  • गर्मियों में सुबह 7 से 10 बजे तक
  • सर्दियों में सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक

विटामिन-C से इम्यूनिटी मजबूत

वैसे तो शरीर के लिए सभी विटामिन जरूरी हैं, लेकिन इस विटामिन की चर्चा कुछ ज्यादा होती है। आखिर यह शरीर के लिए सुरक्षा कवच तैयार करने में मदद जो करता है। यह हड्डियों, त्वचा और रक्त नलिकाओं के लिए खास है। चूंकि शरीर इसे जमा करके नहीं रख सकता। इसलिए हर शख्स को हर दिन 65 से 90 mg विटामिन-C जरूर लेना चाहिए।

आंवला रोज 1 ही काफी:

  1. अगर हम हर दिन एक आंवला, एक बार में या कई बार में, कच्चा या नमक के साथ या फिर उबालकर खाएं तो हमारे शरीर की हर दिन की विटामिन-C की जरूरत पूरी हो जाती है।
  2. अच्छी बात यह है कि आंवला कच्चा खाएं या उबालकर खाएं, उसमें विटामिन-C की अच्छी मात्रा होती है।
  3. कच्चा या उबला आंवला खट्टा लगे तो उसके साथ नमक (सेंधा बेहतर है) ले सकते हैं। इससे उसका टेस्ट बढ़ जाता है। अगर बीपी की परेशानी है तो नमक न लें।
  4. हम आंवले का अचार या कैंडी खाते हैं तो भी हमें आंवले में मौजूद कुल विटामिन-C का 60 से 70 फीसदी तक मिल जाता है।
  5. अगर किसी को आंवला जूस पीना है, लेकिन खट्टा होने की वजह से नहीं पी सकता तो 100 ml आंवले के जूस में 1 से 2 चम्मच शहद मिला सकते हैं।

कुछ ऐसा हो डायट प्लान, विटामिन-सी की न हो कमी
अगर हम सुबह में (6 से 7 बजे)

एक गिलास गुनगुने या नॉर्मल पानी में आधा या एक नीबू निचोड़ कर पिएं।

ब्रेकफस्ट (9 से 10 बजे)
मूंग दाल का चीला/डोसा/इडली/मिलेट चपाती या सत्तू रोटी /+अंडा+ 1 प्लेट सलाद (टमाटर+खीरा+प्याज+गाजर+मिर्च+नीबू एक या आधा नींबू का रस)+कच्चे आम की चटनी (यह ऑप्शनल है।)

स्नैक्स
1 फल ले सकते हैं। इसमें मौसमी फल हो सकता है।

लंच में (1 से 2 बजे)
चावल या रोटी+1 कटोरी दाल (कोई भी)+ 1 कटोरी हरी सब्जी या आलू के साथ मिक्स हरी सब्जी +1 प्लेट सलाद (अगर ब्रेकफस्ट में ले लिया है तो इस समय जरूरत नहीं है।)+कच्चे आम की चटनी (यह ऑप्शनल है।)

स्नैक्स
इसमें भुना चना या एक गिलास चना सत्तू पेय या एक कटोरी मखाना या मौसमी फल हो सकता है। एक कटोरी जामुन जो लगभग 100 ग्राम होगा, ले सकते हैं।

अगर लंच के जैसा डिनर करें (8 से 9 बजे)
चावल या रोटी सबसे कम करें, दाल लें और 1 प्लेट सलाद (अगर ब्रेकफस्ट या लंच में ले लिया है तो इस समय जरूरत नहीं है।)।

विटामिन-C के ये फायदे

  • विटामिन-C इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है।
  • एंटी-ऑक्सिडेंट के रूप में- विटामिन-C डाइजेस्टिव सिस्टम को दुरुस्त रखने में सहायक है। यह कोशिकाओं की मरम्मत करने में भी मददगार है। नई कोशिकाओं को बनाने में मदद करता है। इसलिए हमें तरोताजा रखने में भी इसकी अहम भूमिका होती है।
  • हाइपरटेंशन कम करने में – विटामिन-C ब्लड प्रेशर को सही स्तर पर रखता है। यह खून की नलियों को तनावरहित करता है।
  • हार्ट से जुड़ी बीमारियों में – विटामिन-C शरीर में बैड कलेस्ट्रॉल को कम करके दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम करता है।
  • यूरिक एसिड कम करना- यह शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा में कमी करता है। साथ ही विटामिन-सी गठिया को भी कम करने में मदद करता है।
  • आयरन की कमी को दूर करना- अगर किसी के शरीर में आयरन कम है तो विटामिन-C उस कमी को दूर करने में भी दूर करता है। यह भोजन से आयरन को जज्ब करने में मदद करता है।

इनके सेवन से बनेंगे अंदर से मजबूत

  1. तुलसी (3 से 4 पत्ते), अदरक (एक छोटा टुकड़ा), लौंग (5 से 7), दालचीनी (छोटा टुकड़ा), काली मिर्च (5 से 7) के अलावा थोड़ी-थोड़ी मात्रा में सौंठ, गिलोय व छोटी पिप्पली को 5 से 7 कप दूध वाली चाय या पानी में उबालकर दिन में 2 से 3 बार पीने से इम्यूनिटी में वृद्धि होती है।
  2. सौंठ, काली मिर्च व पिप्पली की गोली त्रिकटु के नाम से बाजार में उपलब्ध है। गिलोय या गुडुची की गोली भी आयुर्वेदिक दवाओं की दुकान से आसानी से मिल सकती है।
  3. दूध में अश्वगंधा, हल्दी, मुनक्का व खजूर उबालकर लेने से इम्यूनिटी के स्तर में फौरन ही सुधार होना शुरू हो जाता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए इनका सेवन खास फायदेमंद है।
  4. गिलोय, संतरा, सौंठ, हल्दी, मौसमी, अंगूर व आंवले का सेवन इन दिनों नियमित रूप से करना चाहिए।
  5. बेहतर होगा कि इन दिनों स्वस्थ व्यक्ति भी खुद को सुबह और शाम की ठंड से बचाएं। ठंडी तासीर वाले भोजन से परहेज करें और गरम-गरम सूप, चाय, दूध या पानी का सेवन लगातार करते रहें।
  6. यदि खांसी, जुकाम, सिर दर्द, बुखार आदि के लक्षण हों तो ऊपर बताई जड़ी-बूटियों का काढ़ा पीकर कंबल ओढ़कर सो जाएं और पसीना निकलने दें। इससे तुरंत आराम मिलेगा और बीमारी भी आसानी से खत्म हो जाएगा।
  7. आयुर्वेदिक दवाओं में तालीसादी चूर्ण, सितोपलादि चूर्ण, लक्ष्मी विलास रस, चंद्र अमृत रस, टंकण भस्म, वासावलेह, कंटकारी अवलेह, अगस्त्य हरीतकी आदि दवाओं का सेवन चिकित्सक की सलाह से करना चाहिए।

सेहत के साथी ये 5 फल

1. सेब: रोज एक सेब जरूर खाएं। इसमें काफी फाइबर, विटामिन और मिनरल होते हैं जो तेजी से वजन कम करते हैं।
2. केला: केले में फाइबर और पोटैशियम की भरपूर मात्रा होती है। इसके साथ ही विटामिन B6 का यह बढ़िया सोर्स है, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है। इसे सुबह खाना बेहतर है।
3. स्ट्राॅबेरी: इसे खाने से शरीर में एडीपॉनेटिक और लेप्टिन हॉर्मोन्स में इजाफा होता है, जो फैट कम करने में मदद करते हैं।
4. अनार: इसमें मौजूद तत्व कॉलेस्ट्राल को कम करने और हानिकारक दूषित तत्वों को शरीर से निकालने में मदद करता है।
5. संतरा: संतरे में मौजूद विटामिन-C वजन कम करने में मददगार है। साथ ही यह इम्यूनिटी को भी बेहतर करता है।

नोट: यहां जितने भी उपाय दिए गए हैं, उनमें से अगर 70 से 80 फीसदी को भी जिंदगी में ढाल पाएं तो काफी फायदा हो जाएगा। अगर किसी तरह की बीमारी या परेशानी हो तो अपने डॉक्टर या आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह जरूर लें।

 

 

 

 

 

 

 

 

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