वैभव सूर्यवंशी से मिले श्रीलंका के 79 वर्षीय पूर्व कप्तान, मैदान पर विवाद के बाद दी खास सलाह

भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेला गया मुकाबला सुपर ओवर तक पहुंचा, लेकिन मैच के अंत में मैदान पर खिलाड़ियों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। इसी बीच श्रीलंका के 79 वर्षीय पूर्व कप्तान अनुरा तेन्नेकून ने युवा भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी से मुलाकात कर उन्हें बड़ी सीख दी। तेन्नेकून ने वैभव को “जेनरेशन टैलेंट” बताते हुए बाहरी शोर-शराबे से दूर रहने की सलाह दी।

मैच के बाद हुआ विवाद

श्रीलंका ए की सुपर ओवर जीत के बाद कुछ श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने जश्न के दौरान सूर्यांश शेडगे से कुछ कहा, जिससे माहौल गर्म हो गया। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी भी विवाद में कूद पड़े और श्रीलंका ए के खिलाड़ी विशेन हलांबागे को धक्का दे दिया। देखते ही देखते मामला और बढ़ गया। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के बाद अनुरा तेन्नेकून ने धैर्य के साथ वैभव का इंतजार किया और उनसे मुलाकात कर महत्वपूर्ण सलाह दी।

अनुरा तेन्नेकून की सलाह

तेन्नेकून ने वैभव से कहा, ‘तुम अपने खेल पर ध्यान दो और बाहरी शोर को नजरअंदाज करो।’ उन्होंने आगे कहा, ‘आज दुर्भाग्य से तुम बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन यह खेल का हिस्सा है। हर दिन अच्छा प्रदर्शन नहीं किया जा सकता।’

वैभव की मौजूदगी से बढ़ी त्रिकोणीय सीरीज की चर्चा

जब वैभव सूर्यवंशी को श्रीलंका में खेली जा रही त्रिकोणीय वनडे सीरीज के लिए भारत ए टीम में चुना गया था, तब से इस टूर्नामेंट को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। आईपीएल 2026 में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन और कई पुरस्कार जीतने के बाद वैभव जहां भी जाते हैं, सुर्खियां अपने साथ ले जाते हैं। यही वजह रही कि इस सीरीज के मुकाबलों के लिए लाइव प्रसारण की व्यवस्था भी की गई।

कौन हैं अनुरा तेन्नेकून?

अनुरा तेन्नेकून श्रीलंका क्रिकेट के शुरुआती दौर के महान बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। टेस्ट दर्जा मिलने से पहले वह श्रीलंका टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल थे। उन्होंने 1975 और 1979 के वनडे विश्व कप में श्रीलंका की कप्तानी की थी। चार विश्व कप मैचों में उन्होंने 137 रन बनाए, जिसमें न्यूजीलैंड के खिलाफ अर्धशतक भी शामिल था।

1979 में उन्होंने श्रीलंका को ICC एसोसिएट मेंबर्स वर्ल्ड कप का खिताब भी दिलाया था। अपने प्रथम श्रेणी करियर में उन्होंने 61 मैचों में 3481 रन बनाए, जिसमें 5 शतक और 19 अर्धशतक शामिल हैं। बाद में वह श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) भी रहे।

अभी तक नहीं चला वैभव का बल्ला

त्रिकोणीय सीरीज में वैभव सूर्यवंशी अब तक बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं। तीन मुकाबलों में उन्होंने 79 रन बनाए हैं। उनका औसत 26.33 और स्ट्राइक रेट 164.58 का रहा है। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन अफगानिस्तान ए के खिलाफ आया था, जहां उन्होंने सिर्फ 22 गेंदों में 44 रन बनाए थे। 15 जून को श्रीलंका ए के खिलाफ मुकाबले में वैभव कप्तान और ऑफ स्पिनर साहन अराचिगे की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में आउट हो गए।

सुपर ओवर में भी नहीं दिला सके जीत

सुपर ओवर में वैभव सूर्यवंशी और सूर्यांश शेडगे बल्लेबाजी के लिए उतरे। शेडगे ने पहली तीन गेंदों पर तीन रन बनाए। इसके बाद वैभव को स्ट्राइक मिली, लेकिन वह शेष गेंदों पर सिर्फ छह रन ही बना सके और भारत ए आठ रन से पीछे रह गया।

अब अफगानिस्तान ए के खिलाफ करो या मरो मुकाबला

भारत ए अब अपने अगले मुकाबले में अफगानिस्तान ए से भिड़ेगा। फाइनल में पहुंचने के लिए यह मैच जीतना बेहद जरूरी है। हालांकि जीत के बाद भी फाइनल की जगह पक्की नहीं होगी। फिलहाल भारत ए तीन मैचों में एक जीत के साथ अंक तालिका में दूसरे स्थान पर है। अच्छी बात यह है कि उसका नेट रन रेट अफगानिस्तान ए से बेहतर है। यदि भारत ए बड़ी जीत दर्ज करता है तो उसके फाइनल में पहुंचने की संभावना मजबूत हो जाएगी।

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