खेत, नदी, पगडंडी पार कर कारसेवा के लिए अयोध्या पहुंचे थे रामभक्त, 33 साल पुराना मंजर याद आते ही भर आती हैं आंखें

 

हमीरपुर: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि के लिए हमीरपुर में संघ के कार्यकर्ताओं समेत तमाम रामभक्त भी आन्दोलन का हिस्सा बने थे। अब जब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर बनकर तैयार हो गया है। इस बीच तैंतीस साल पहले का मंजर याद आते ही रामभक्तों की आंखें भर आती हैं। राममंदिर का सपना साकार कराने के लिए विहिप की प्रख्यात मंदाकिनी वाणी ने यहां थाने के सामने एक सभा कर रामभक्तों में जोश भरा था। आन्दोलन के दौरान जेल में काफी समय तक निरुद्ध रहे संघ के एक बड़े स्वयंसेवक ने रामभक्त कारसेवकों का मनोबल बढ़ाने के लिए एक कविता लिखी थी जिसे पूरे प्रदेश में भी पढ़ी गई थी।

हमीरपुर जिले में अक्टूबर 1990 में रामभक्तों ने श्रीराम जन्मभूमि के लिए बड़े स्तर पर आन्दोलन का आगाज किया था। अयोध्या में कारसेवा के लिए हमीरपुर के अलावा मौदहा क्षेत्र के तमाम गांवों के युवक संघ और हिन्दु संगठनों के नेताओं के साथ यहां से रवाना हुए थे। रास्ते में पड़ने वाले बैरियर में मुस्तैद पुलिस जवानों से बचने के लिए रामभक्तों की टोली खेत और नदियां पार कर किसी तरह फैजाबाद तक पहुंच गई लेकिन सभी वहां गिरफ्तार कर लिए गए थे। रामभक्तों पर पुलिस ने डंडे भी बरसाए थे।

कई रामभक्त पुलिस की तमाम कोशिश के बावजूद पगडंडी के सहारे आगे निकल गए थे। आरएसएस के वरिष्ठ स्वयंसेवक देवी प्रसाद गुप्ता ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि के लिए यहां मौदहा क्षेत्र में आन्दोलन हुए थे। बताया कि 13 अक्टूबर 1990 को तत्कालीन सीएम कल्याण सिंह को बरगढ़ के पास गिरफ्तार किया गया था तब उनकी गिरफ्तारी के विरोध में यहां सड़कों पर नारेबाजी की गई थी। पुलिस ने उन्हें भी अरेस्ट कर जेल भेजा था। साथ में लक्ष्मीशंकर द्विवेदी, शिवसेना नेता शेरे पूनम सिंह, भवानी सिंह गौतम, अमर सिंह, इन्द्रभूषण, रघुराज सिंह, जयकरन सिंह, अम्बा शरण अवस्थी, भागवत प्रसाद शिवहरे, राजाराम, देवराज शर्मा, मदनमोहन राजपूत, व गिरीश पालीवाल समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जेल भेजे गए थे।

राम जन्मभूमि के लिए सड़क पर आए रामभक्तों को काफी समय तक जेल की हवा खानी पड़ी थी। संघ के वरिष्ठ नेता सरस्वती शरण द्विवेदी, रामबिहारी शुक्ला समेत तमाम रामभक्तों ने बताया कि साध्वीं उमा भारती और पार्टी के नेताओं ने हमीरपुर जिले के सुमेरपुर में कारसेवकों को आन्दोलन मे हिस्सा लेने के लिए आवाहन किया था। इसके बाद रामकाज के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर आ गए थे। बाद में सभी को हमीरपुर, बांदा और महोबा की जेलों में भेजा गया था।

कोतवाली के सामने रामभक्तों में मंदाकिनी वाणी ने भरा था जोश
वयोवद्ध पत्रकार व आरएसएस के वरिष्ठ स्वयंसेवक देवी प्रसाद गुप्ता ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि को लेकर मौदहा में कोतवाली के सामने विहिप की एक सभा रखी गई थी। जिसमें विहिप की प्रख्यात वक्ता मंदाकिनी वाणी व फर्रुखाबाद के ब्रह्मदेव अवस्थी समेत तमाम नेताओं ने रामभक्तों में जोश भरा था। लोगों में आन्दोलन के लिए उत्साह बढ़ाने के लिए मंदाकिनी वाणी ने सभा में कहा था कि प्रभु श्रीराम पूरे राष्ट्र के लिए स्वाभिमान है। इनका मंदिर जरूर बनेगा। रामकाज के लिए कारसेवा करने का आवाहन किया था। सभा के बाद क्षेत्र और गांव-गांव तक लोगों की टीमें बनाई गई थीं और कारसेवा की गई थी। जेल के अंदर रामभक्तों में जोश भरने के लिए देवी प्रसाद गुप्ता ने एक एक बार केसरिया मय, सारा हिन्दुस्तान करें…कविता लिखी थी जो शिला पूजन व रामरथ यात्रा समेत कई आन्दोलन में सुर्खियां बनी थी।

राममंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की शुभ घड़ी आने पर रामभक्तों में छाई खुशी
राममंदिर बनकर तैयार होने और अब प्राण प्रतिष्ठा की शुभ घड़ी आने पर यहां रामभक्तों में खुशी छा गई है। तैंतीस साल पहले अयोध्या का मंजर देखने वाले रामभक्त मिथलेश द्विवेदी ने बताया कि अयोध्या मे 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की शुभ घड़ी आने पर विदोखर गांव में लोगों में खुशी छा गई है। जिस दिन रामलला नये मंदिर में विराजमान होंगे उसी दिन यहां गांव में दो दिवसीय रामलीला का आयोजन किया जाएगा। यह लीला काली माता मंदिर के प्रांगण में होगी। मंदिर समिति के सदस्य नागेन्द्र सिंह व संतोष शर्मा ने बताया कि रामलीला 22 जनवरी से कराए जाने का फैसला किया गया है। पहले दिन गाजे बाजे और आतिशबाजी के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी फिर रात में रामलीला का मंचन होगा। अगले दिन धनुष भंग, परशुराम लक्ष्मण संवाद, जनक विलाप समेत अन्य लीला का मंचन होगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

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