जम्मू समाचार: अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्याओं-बांग्लादेशियों पर बड़ी कार्रवाई, पंच समेत 31 गिरफ्तार, 50 से अधिक केस

जम्मू संभाग में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्याओं तथा बांग्लादेशियों के खिलाफ मंगलवार को पुलिस ने एक साथ बड़ी कार्रवाई करते हुए जम्मू, राजोरी, पुंछ, डोडा, किश्तवाड़ व रामबन जिलों से 31 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान अवैध रूप से इन्हें पनाह देने वालों के ठिकाने भी खंगाले गए। काफी संख्या में रोहिंग्याओं के पास से पैन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, बैंक दस्तावेज व राशन कार्ड बरामद किए गए हैं।

किश्तवाड़ में 13, डोडा में 10, पुंछ में चार, जम्मू में दो,रामबन व राजोरी में एक-एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार होने वालों में पंच और साइबर कैफे संचालक भी हैं, जिन्होंने फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इसके साथ ही इन सभी जिलों में 50 से अधिक लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। अकेले जम्मू में 39 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

पुलिस के अनुसार, जम्मू में सात थानों त्रिकुटानगर, सतवारी, बाग-ए-बाहु, छन्नी हिम्मत, नवाबाद, दोमाना व नगरोटा में मुकदमा दर्ज करते हुए लगभग 40 स्थानों पर छापे मारे गए। पनाह देने वालों के साथ ही रोहिंग्याओं के घर भी खंगाले गए। इस दौरान रोहिंग्या व प्लॉट मालिकों के बीच पैसे के लेन देन संबंधी खाता, पासपुक, रेंट एग्रीमेंट, आधार कार्ड, क्रेडिट कार्ड, मोबाइल फोन (रोहिंग्या व मालिक दोनों के), रोहिंग्याओं को जारी सिम कार्ड, रोहिंग्याओं को बसाने वालों के राजस्व रिकॉर्ड, पानी व बिजली बिल, रोहिंग्याओं की ओर से इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों के आरसी तथा अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई।

पुंछ में फर्जी आधार कार्ड बनवाने में पंच भी शामिल

पुंछ में रोहिंग्या का फर्जी आधार और राशन कार्ड बनाने के आरोप में पुलिस ने मंगलवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया। अवैध रूप से जिले में रहने और फर्जी दस्तावेज बनवाने वाले रोहिंग्या मोहम्मद नुमान पुत्र मुहिब उल्लाह 2013 से मेंढर के गांव धारग्लून में रह रहा है। उसने 2016 में स्थानीय लड़की फरजाना से शादी की है। आरोपी ने ससुर नजीर अहमद के साथ मिलकर पहले फर्जी आधार कार्ड बनवाया फिर इसका इस्तेमाल कर राशन कार्ड बनवा लिया। मददगार नजीर अहमद, वसीम अकरम (साइबर कैफे संचालक) और मोहम्मद सयाफ (पंच) ने फर्जी आधार और राशन कार्ड तैयार किया था, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इस संबंध में पुलिस ने थाना गुरसाई में केस दर्ज किया था। जांच के दौरान मोहम्मद नुमान को 30 नवंबर, 2023 को गिरफ्तार किया गया था। इस केस में अब तक चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

किश्तवाड़ में छह रोहिंग्या और सात मददगार समेत 13 लोग गिरफ्तार

किश्तवाड़ पुलिस ने छह रोहिंग्या समेत 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें सात मददगार शामिल हैं। इन्होंने दच्छन क्षेत्र के स्थानीय लोगों की मदद से अधिवास प्रमाण पत्र, आधार, वोटर और राशन कार्ड हासिल किए थे। पुलिस स्टेशन दच्छन में दर्ज एफआईआर के अनुसार मुश्ताक अहमद निवासी क्रोसा सांदर दच्छन, जिंटा बेगम (म्यांमार), फैयाज अहमद निवासी कियाड़ दच्छन, अनवरा बेगम (म्यांमार) सदाम हुसैन निवासी सागरना सांदर दच्छन, शब्बू बेगम (म्यांमार), गुलाम मोहम्मद निवासी क्रोसा सांदर दच्छन, तनवीर अहमद निवासी तंडर दच्छन, लैला बेगम निवासी (म्यांमार), शाहनवाज मागरे निवासी सांदर दच्छन, हसीना जान (म्यांमार), जहूर अहमद निवासी कियाड़ दच्छन, शाहीना बेगम उर्फ होरिनिसा (म्यांमार) को गिरफ्तार किया गया है। किश्तवाड़ के एसएसपी खलील अहमद पोसवाल ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

रामबन में मददगार महिलाओं की तस्करी में गिरफ्तार

रामबन पुलिस ने दो रोहिंग्या महिलाओं और इनके मददगार के खिलाफ अवैध रूप से दस्तावेज बनवाने और अवैध रूप से रहने पर केस दर्ज किया है। पुलिस स्टेशन धर्मकुंड में दिलारा बेगम (म्यांमार), रफीका बेगम (म्यांमार) और स्थानीय सहयोगी मंजूर अहमद निवासी वेरीनाग, अनंतनाग के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मंजूर अहमद को महिला दिलारा की तस्करी के आरोप में पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार कर लिया है। घर की तलाशी में पुलिस को आपत्तिजनक सामग्री भी मिली है।

डोडा में नौ रोहिंग्या व एक बांग्लादेशी के खिलाफ कार्रवाई

डोडा में भारतीय पहचान पत्रों पर जम्मू-कश्मीर की सीमा में अवैध रूप से रह रहे नौ रोहिंग्या और एक बांग्लादेशी नागरिकों सहित उनके मददगारों के खिलाफ तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। डोडा पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान भद्रवाह के उदराना में रह रही राहिला बेगम पत्नी इम्तियाज अहमद शेख, अखरुत बाग में रह रही शकीला बेगम पत्नी मुहम्मद इकबाल शेख, भल्ला तहसील के चक्रबाटी सिंदारा में रह रही जहां आरा पत्नी इमरान हुसैन, भल्ला तहसील के कोडसु खेलानी में रह रही मीम बानो पत्नी आदिल हुसैन और सिंदारा में रह रही मुस्कान बानो पत्नी इमराम हुसैन (सभी म्यांमार निवासी) के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

एक अन्य मामले में गंदोह के टैंटली इंहर्रा में रह रही जवैरा बेगम पत्नी तनवीर अहमद, गंदोह के ही ए/पी हल्लोर में रह रही शबनम बेगम पत्नी मजूर अहमद, नूर भार पत्नी तारिक हुसैन काकू और जीनत बेगम पत्नी मोहम्मद शफी बतौली कहारा (सभी निवासी म्यांमार) के खिलाफ पुलिस स्टेशन गंदोह में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि जांच में यह सामने आया कि सभी रोहिंग्या न केवल जिला डोडा में प्रवेश करने में कामयाब रहे बल्कि इन्होंने खुद को स्थायी निवासी के रूप में स्थापित करने के लिए पहचान पत्र तक अवैध रूप से हासिल कर लिए थे।

भद्रवाह पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिक नुसरत जहां पुत्री अब्दुल मजीद दीवान निवासी ढाका (बांग्लादेश) के खिलाफ केस दर्ज किया है। मौजूदा समय में यह मालनई तहसील के भल्ला में रह रही थी। यह लंबे समय से अवैध रूप से यहां रह रही थी और वीजा मानदंडों का उल्लंघन कर रही थी। जांच के दौरान इसके निवास से आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों ने जिन सरकारी कर्मचारियों के माध्यम से यह फर्जी दस्तावेज बनवाए हैं, उनके खिलाफ भी जांच शुरू कर दी गई है। सभी आरोपी मददगारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।रोहिंग्या महिला की मदद करने वाला गिरफ्तार

नौशेरा से रोहिंग्या महिला का मददगार गिरफ्तार

राजोरी पुलिस ने जम्मू के नरवाल में रह रही रोहिंग्या महिला हलीमा पुत्री मोहम्मद नजीर की मदद करने के आरोप में नौशेरा के लाम इलाके से लाल दीन पुत्र चिड़िया, निवासी कंपला मोहरा, दरहाल को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर नौशेरा थाने में धारा 420, 467 आईपीसी और 14 विदेशी अधिनियम के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। हलीमा को पुलिस ने 19 अक्तूबर, 2023 को गिरफ्तार किया था जिसे बाद में 30 अक्तूबर, 2023 को अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया था। इसी मामले की जांच के संबंध में लाल दीन के घर की तलाशी ली तो केस से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले। इस पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ जारी है। हलीमा मामले में यह दूसरी गिरफ्तारी है। पुलिस का दावा है कि अभी और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

रोहिंग्याओं को पनाह देने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। इनसे सुरक्षा को खतरा होने के साथ ही जम्मू-कश्मीर के सामाजिक-आर्थिक ताने बाने को नुकसान पहुंच सकता है। यह स्थानीय संसाधनों का इस्तेमाल तो कर ही रहे हैं। साथ ही सुरक्षा चुनौती भी है।

-आनंद जैन, आईजी

छापे का उद्देश्य स्थानीय सपोर्ट का पता लगाना तथा इन्हें बसाने वाले गठजोड़ की जानकारी हासिल करना था। यह पता लगाना था कि आखिर कौन इनके पीछे है जो इन्हें सरकारी सुविधाएं मुहैया करा रहा है। व्यापक पैमाने पर बरामद आपत्तिजनक सामग्री की जांच चल रही है

-शक्ति पाठक, डीआईजी

 

 

 

 

 

 

 

 

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