नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कल शुक्रवार (19 जून) को नागपुर में स्थित यंत्र इंडिया लिमिटेड (Yantra India Limited, YIL), ऑर्डनेंस फैक्ट्री अंबाझरी में एक अत्याधुनिक 10,000 टन की ‘एल्युमीनियम एक्सट्रूज़न प्रेस’ (Aluminium Extrusion Press) का भूमि पूजन करेंगे. इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार समेत रक्षा उत्पादन विभाग और यंत्र इंडिया लिमिटेड के कई सीनियर अधिकारी भी मौजूद रहेंगे.
प्रस्तावित एक्सट्रूज़न प्रेस देश में रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में एक बड़ी राष्ट्रीय संपत्ति होगी. यह रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े, उच्च-शक्ति और सटीक एल्युमीनियम मिश्र धातु एक्सट्रूज़न के उत्पादन की देश की क्षमता को मजबूत करेगा. इससे देश में ही बड़े आकार के, बेहद मजबूत और सटीक एल्युमीनियम अलॉय कंपोनेंट्स बनाए जा सकेंगे.
स्वदेशी निर्माण मिशन को मिलेगी मजबूती
यह प्रोजेक्ट अहम एल्युमीनियम एक्सट्रूडेड घटकों के आयात पर निर्भरता कम करने और ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन के तहत स्वदेशी विनिर्माण का समर्थन करने में भी मदद करेगी. अभी तक सेना और स्पेस सेक्टर के लिए कई जरूरी एल्युमीनियम पार्ट्स विदेश से मंगवाने पड़ते थे. लेकिन इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से विदेश पर हमारी निर्भरता काफी कम हो जाएगी.
साथ ही यह प्रोजेक्ट ‘आत्मनिर्भर भारत’ को रफ्तार देगा. पूरा प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ विज़न को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो देश के भीतर ही स्वदेशी मैन्यूफैक्चरिंग को बढ़ावा देगा.
देश में बढ़ रहा वार्षिक रक्षा उत्पादनः रक्षा मंत्री
इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई और रक्षा क्षेत्र के सभी हितधारकों के प्रयासों का हवाला देते हुए, वित्त वर्ष 2025-26 में देश के वार्षिक रक्षा उत्पादन के 1.78 लाख करोड़ रुपये के अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंचने का स्वागत किया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट अपने में, राजनाथ सिंह ने कहा, “पीएम मोदी के प्रेरणादायक नेतृत्व में, देश का रक्षा उत्पादन हर साल नई ऊंचाइयों को छू रहा है. मुझे इस बात से सभी को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि वित्त वर्ष (FY) 2025-26 में देश का वार्षिक रक्षा उत्पादन बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये के अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है.”
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ये लेटेस्ट आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष के 1.54 लाख करोड़ रुपये के उत्पादन की तुलना में 15.6 फीसदी की वृद्धि को दर्शाता है. साथ ही यह वित्तीय वर्ष 2020-21 के बाद से 110 फीसदी की वृद्धि को भी दर्शाता है, तब रक्षा उत्पादन 84,643 करोड़ रुपये का ही था. जबकि देश में रक्षा उत्पादन, वित्त वर्ष 2013-14 में दर्ज 43,746 करोड़ रुपये से करीब चार गुना अधिक हो गया है.
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कुल उत्पादन में रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (DPSUs) और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों की हिस्सेदारी लगभग 76 फीसदी थी, जबकि निजी क्षेत्र का योगदान 24 फीसदी का रहा. जबकि निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 22 फीसदी से बढ़कर करीब 42,000 करोड़ रुपये के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है. और यह देश के रक्षा निर्माण इकोसिस्टम में इसकी बढ़ती भूमिका को भी दर्शाता है.
मंत्रालय के अनुसार, घरेलू रक्षा उत्पादन में हुई वृद्धि ने रक्षा निर्यात में भी रिकॉर्ड प्रदर्शन में योगदान दिया है. भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 38,424 करोड़ रुपये का रक्षा निर्यात दर्ज किया, जो अब तक का सबसे अधिक है. रक्षा मंत्री ने उत्पादन में लगातार वृद्धि का श्रेय रक्षा उत्पादन विभाग और सार्वजनिक तथा निजी दोनों क्षेत्रों के उद्योग हितधारकों को भी दिया.