UP में कितने विधायकों की गई सदस्यता? भाजपा का सबसे अधिक घाटा… MLA की लिस्ट देखिए

लखनऊ: राजनीतिक लिहाज से उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा राज्य माना जाता है। यहां की जनता 403 विधायकों और 80 सांसदों को चुनकर भेजती है। लेकिन कई माननीय ऐसे भी होते हैं जिनकी सदस्यता खत्म हो जाती है। सोनभद्र जिले के एक विधायक को रेप केस में हुई सजा के बाद से यह मामला फिर सु्र्खियों में है। पिछले कुछ सालों में विधायकों की सदस्यता समाप्त होने की लिस्ट में बीजेपी को अधिक नुकसान हुआ है। ऐसे 8 विधायकों में से 6 बीजेपी के ही हैं।

दुद्धी से BJP विधायक रामदुलार गोंड

सोनभद्र के दुद्धी विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान भाजपा विधायक रामदुलार गोंड को नाबालिग से रेप के मामले में शुक्रवार को कोर्ट ने सजा का ऐलान कर दिया। लगभग 9 साल तक चले लंबे मुकदमे में भाजपा विधायक रामदुलार गोंड को कोर्ट ने बीते दिनों दोषी करार दिया था। अब शुक्रवार को मामले में फैसला सुनाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश ने बीजेपी विधायक को 25 साल कैद की सजा सुनाई है और 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने के 10 लाख रुपए पीड़िता के पुनर्वास के लिए दिए जाएंगे।

बांगरमऊ विधायक कुलदीप सिंह सेंगर

उन्नाव में नाबालिग से सामूहिक रेप केस में बांगरमऊ से विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। सजा सुनाए जाने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई। विधानसभा के प्रमुख सचिव की की ओर से सजा के ऐलान के दिन यानी 20 दिसंबर 2019 से ही उनकी सदस्यता खत्म किए जाने का आदेश जारी किया गया था। सेंगर को पहले ही भाजपा ने निष्कासित कर दिया था।

रामपुर से आजम खान का मामला​

सपा के नेता आजम खान को 2019 लोकसभा चुनाव के समय हेट स्पीच मामले में 27 अक्टूबर 2022 को निचली अदालत ने हेट स्पीच केस में आजम को 3 साल कैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद रामपुर से आजम की विधायकी रद्द हो गई थी। बाद में इस मामले में उन्हें एमपी-एमएलए कोर्ट ने बरी कर दिया।

​गोसाईंगंज से इंद्र प्रताप उर्फ खब्बू तिवारी​

अयोध्या जिले के गोसाईगंज के भाजपा विधायक इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी को भी पिछले सत्र में अयोग्‍य घोषित किया गया था। फर्जी अंक पत्र मामले में एक अदालत द्वारा दोषी ठहराकर सजा सुनाए जाने के बाद उनकी सदस्यता रद्द हो गई थी।

अयोध्या जिले के गोसाईगंज के भाजपा विधायक इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी को भी पिछले सत्र में अयोग्‍य घोषित किया गया था। फर्जी अंक पत्र मामले में एक अदालत द्वारा दोषी ठहराकर सजा सुनाए जाने के बाद उनकी सदस्यता रद्द हो गई थी।
​हमीरपुर से MLA अशोक चंदेल​
हमीरपुर से भाजपा विधायक अशोक कुमार सिंह चंदेल की सदस्यता जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत वर्ष 2019 में चली गई थी। 19 अप्रैल 2019 को हाईकोर्ट ने उन्हें हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सजा सुनाई थी। अशोक चंदेल हमीपुर में वर्ष 2007 में राजीव शुक्ला के भाई- भतीजों समेत 5 लोगों की हत्या में दोषी पाए गए थे। इस चर्चित हत्याकांड में उनके साथ ही 11 अन्य लोगों को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सजा सुनाई। इसके बाद उनकी विधायकी खत्म होने की अधिसूचना जारी कर दी गई।

​स्वार सीट से अब्दुल्ला आजम​
सपा से वर्ष 2017 में रामपुर के स्वार विधानसभा सीट से विधायक बने अब्दुल्ला आजम की सदस्यता भी रद्द हो चुकी है। 16 दिसंबर 2019 को उनका चुनाव शून्य करार देते हुए उनका निर्वाचन रद्द कर दिया गया था। फर्जी सर्टिफिकेट मामले में दोषी होने के कारण उन्हें सजा नहीं मिली और चुनाव लड़ने पर रोक जैसे प्रतिबंध का सामना उन्हें नहीं करना पड़ा। इस कारण अब्दुल्ला आजम यूपी चुनाव 2022 में फिर स्वार उतरे और जीते। लेकिन हाइवे पर धरना देने के 2008 के मामले में उन्हें सजा हुई।

​खतौली MLA विक्रम सिंह सैनी​
इसके अलावा 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों के एक मामले में दो साल की कैद की सजा सुनाए जाने के बाद मुजफ्फरनगर के खतौली के भाजपा विधायक विक्रम सिंह सैनी को अक्टूबर 2022 से उत्तर प्रदेश विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया था।

फरेंदा के बजरंग बहादुर सिंह​
महराजगंज जिले की फरेंदा सीट से भाजपा के विधायक बजरंग बहादुर की सदस्यता समाप्त करने का फैसला दिया। विधायक निर्वाचित होने के बाद भी सरकारी ठेके लेते रहे और काम करवाते रहे। लोकायुक्त ने आरोपों को जांच में सही पाया और 18 फरवरी 2014 को बजरंग की विधानसभा की सदस्यता समाप्त करने की सिफारिश कर दी। इसके बाद उपचुनाव में वह हार गए लेकिन 2017 में फिर से निर्वाचित होकर आए।

 

 

 

 

 

 

 

 

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