नई दिल्ली: जनता दल (सेक्यूलर) नेता और केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने शुक्रवार को कहा कि कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में जे डी (एस) के उम्मीदवार की हार में हुई क्रॉस-वोटिंग से वे न तो हैरान हैं और न ही चौंके हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें उन विधायकों की पहले से जानकारी थी जो पार्टी के खिलाफ मतदान कर सकते थे. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “मुझे यह पूरी जानकारी है कि गुरुवार के चुनाव में किसने क्रॉस-वोट किया है. इसका मुझे पहले से ही अंदाजा था कि कौन क्रॉस-वोट करेगा और ये किसकी तरफ से आएगा. इसलिए, इस चुनाव के परिणाम और क्रॉस-वोटिंग से मुझे कोई भी झटका नहीं लगा है.”
जे डी (एस) नेता का ये बयान तब सामने आया है जब सत्ताधारी कांग्रेस ने सात में से पांच विधान परिषद सीटें जीत लीं, जबकि भाजपा ने दो सीटें हासिल कीं और इस तरह से जे डी (एस) के हाथ कोई सीट नहीं लगी.उन्होंने कि नतीजों ने विपक्षी बीजेपी और जेडी(एस) के विधायकों द्वारा क्रॉस-वोटिंग को उजागर किया, जिससे कांग्रेस को 151 वोट मिले, जो उसके अनुमानित 140 वोटों से 11 ज्यादा थे.
‘विधायकों को कर रहे थे टेस्ट’
कुमारस्वामी ने कहा, “मैंने एक उम्मीदवार उतारा ताकि ये देखा जा सके कि मेरी पार्टी के विधायक आज भी खुद को कैसे पेश करेंगे.” उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा का पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लंबे समय से टिका भरोसा अक्सर उन्हें गंभीर कार्रवाई से बचाता रहा है, भले ही उन्हें बार-बार असफलताओं का सामना करना पड़ा हो. “पिछले 70 सालों में उन्होंने लगातार झटके सहें हैं, लेकिन फिर भी सोचते हैं कि पार्टी के साथ कुछ भी गलत नहीं होना चाहिए. उस लगाव की वजह से, वो सबको बचाने की कोशिश करते हैं,” कुमारस्वामी ने ये बात जेडी(एस) के एक दिग्गज नेता को ध्यान में रखते हुए कहा.
पार्टीं में नया चेहरा युवाओं का होगा
कुमारस्वामी ने संकेत दिया कि मौजूदा स्थिति पार्टी और राज्य दोनों की रक्षा के लिए अलग दृष्टिकोण की मांग करती है. “आज इस पार्टी को बचाने को बचाना है और उससे भी महत्वपूर्ण इस राज्य को बचाना है. इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने JD(S) के भीतर पीढ़ीगत बदलाव का भी संकेत दिया. उन्होंने कहा कि उनका इरादा युवा नेताओं को ज्यादा अवसर देने का है. “मैं तैयार हूं. मैंने फैसला किया है कि इस पार्टी में युवाओं और नए चेहरों को अधिक प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
‘अंतिम में सारे फैसले मैं ही करुंगा’
उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम के बाद पार्टी के भीतर होने वाली अनुशासनात्मक कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर, कुमारस्वामी ने कहा कि अलग-अलग स्तरों पर परामर्श हो सकते हैं, लेकिन अंतिम फैसला उनका ही होगा. आखिर में जो भी जाएगा और जिस किसी से भी चर्चा होगी या चर्चा करेगा इन सभी में अंतिम निर्णय मेरा ही होगा और साथ वह मेरे पार्टी कार्यकर्ताओं की राय पर निर्भर होगा.”
सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि आठ JD(S) विधायक और तीन BJP विधायक कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग कर सकते हैं. हालांकि, JD(S) के सूत्रों ने दावा किया कि केवल चार JD(S) के विधायक ही क्रॉस-वोटिंग में शामिल थे और बाकी बीजेपी के थे. इस चुनाव का लेखा-जोखा कुछ इस तरह का है कि JD(S) के उम्मीदवार गोविंदराजु को केवल 14 वोट मिले और वह हार गए, जबकि सभी पांच कांग्रेस उम्मीदवार और दो भाजपा उम्मीदवार चुने गए.