बरनाला: बरनाला के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में उस समय शोक की लहर दौड़ गई, जब नगर काउंसिल बरनाला के पूर्व म्यूनिसिपल पार्षद नछत्तर सिंह उर्फ जग्गा सिंह ने कॉलोनाइजरों के साथ जमीन के पैसों के लेनदेन और मानसिक परेशानी के चलते आज तड़के अपने ही घर में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। यह खौफनाक कदम उठाने से पहले मृतक ने एक सुसाइड नोट भी लिखा है, जिसमें जिला संगरूर के कस्बा धूरी से संबंधित दो बड़े कॉलोनाइजरों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया गया है। इस घटना ने प्रॉपर्टी कारोबार के पीछे चल रहे अंदरूनी तनाव और लाखों-करोड़ों रुपये के लेनदेन के कारण पैदा होने वाले मानसिक दबाव को एक बार फिर सार्वजनिक कर दिया है।
करोड़ों की डील और वादाखिलाफी बनी मौत का कारण
मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व पार्षद जग्गा सिंह राजनीति के साथ-साथ जमीनों की खरीद-फरोख्त का काम करते थे और एक सफल प्रॉपर्टी डीलर व कमीशन एजेंट के रूप में जाने जाते थे। परिजनों के मुताबिक, एक बड़ी प्रॉपर्टी डील के संबंध में धूरी के कॉलोनाइजरों द्वारा जग्गा सिंह का बनता मोटा कमीशन (पैसे) देने से साफ इनकार कर दिया गया था। लंबे समय से अपनी मेहनत की कमाई के लिए चक्कर काट रहे जग्गा सिंह इस वादाखिलाफी और आर्थिक मार के कारण पिछले कुछ समय से गंभीर मानसिक परेशानी (डिप्रेशन) से गुजर रहे थे। आखिरकार, मानसिक तनाव के आगे हार मानते हुए उन्होंने बीती रात तड़के 2:00 से 2:30 बजे के बीच मौत को गले लगा लिया।
भाई के बयानों पर अश्वनी और विनोद कुमार के खिलाफ पर्चा दर्ज
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया। पुलिस ने मृतक नछत्तर सिंह उर्फ जग्गा सिंह के भाई मलकीत सिंह मीता ठेकेदार के बयानों के आधार पर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने सुसाइड नोट और पारिवारिक बयानों को मुख्य रखते हुए अश्वनी कुमार और विनोद कुमार (दोनों निवासी धूरी) के खिलाफ धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाने) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले के संबंध में बातचीत करते हुए एस.एच.ओ. लखविंदर सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच से साफ हुआ है कि एक बड़ी कॉलोनी की जमीन के कमीशन और पैसों के लेनदेन को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। इसी हंगामे और दबाव के कारण पूर्व पार्षद ने यह खौफनाक कदम उठाया है।
परिवार का सख्त रुख और शाम तक गिरफ्तारी का भरोसा
जग्गा सिंह की असामयिक मौत से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। इंसाफ की मांग को लेकर परिजनों और इलाका निवासियों ने प्रशासन के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। मृतक के भाई मलकीत सिंह मीता ठेकेदार ने प्रशासन को दोटूक चेतावनी दी है कि वे मृतक का दाह-संस्कार तब तक नहीं करेंगे, जब तक सुसाइड नोट में नामजद किए गए दोनों आरोपियों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता।
परिवार के गुस्से और मामले की गंभीरता को देखते हुए डी.एस.पी. सिटी सतवीर सिंह बैंस ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। मलकीत सिंह मीता ने बताया कि डी.एस.पी. बैंस ने उन्हें पूर्ण विश्वास दिलाया है कि पुलिस की टीमें धूरी में छापेमारी कर रही हैं और आज शाम तक दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने साबित कर दिया है कि कारोबारी धोखाधड़ी किसी भी हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ सकती है।