महराजगंज समाचार: SI की परीक्षा पास कराने के नाम पर 22 लाख ठगने में तीन पर केस

महराजगंज। उत्तर प्रदेश पुलिस की एसआई (SI) परीक्षा पास कराने का झांसा देकर तीन जालसाजों ने बृजमनगंज के एक युवक से 22.50 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक केस दर्ज कराने के लिए चक्कर काटता रहा, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। तब उसने न्यायालय की शरण ली। इसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट फरेंदा कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों पर केस दर्ज किया। आरोपी बृजमनगंज, कानपुर और गोरखपुर के रहने वाले हैं।


बृजमगंज कस्बे के नौसागर टोला कुआडाड़ी के रहने वाले जमशेद अहमद ने बताया कि उसके भाई जावेद ने यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर पद के लिए परीक्षा दी थी। रिजल्ट आने से पहले उनकी मुलाकात बृजमनगंज कस्बे के रहनेवाले शफीक से हुई। भाई की परीक्षा को लेकर बातचीत के दौरान शफीक ने कहा कि उसका भांजा आफताब आलम व आफताब का दोस्त विनय सिंह इस समय बृजमनगंज में उसके घर पर हैं। दोनों की पुलिस विभाग में अच्छी पकड़ है। वे जावेद को परीक्षा में पास करा देंगे। इसके झांसे में आकर वह शफीक के घर गया जहां आफताब और विनय से मुलाकात हुई। आफताब मूलत: गोरखपुर के गोला बाजार के वार्ड नंबर सात का रहनेवाला है और अभी कानपुर में जीएसवीएम मेडिकल कालेज, नजदीक हैलेट हास्पिटल थाना स्वरुप नगर में रहता है। वहीं विनय सिंह लखनऊ के कृष्णानगर में ग्राम-561/610 मनोरमा कम्पाउंड सिंधु नगर में रहता है। शफीक, आफताब और विनय ने जावेद को परीक्षा पास कराने का वादा किया।

छह महीने में 22.50 लाख रुपए दिए

जमशेद के अनुसार, उसने भाई की नौकरी के लिए 25 नवंबर 2021 को सात लाख रुपये, दो दिसंबर 2021 को दो लाख रुपये, तीन व चार दिसंबर 2021 को पांच-पांच लाख और आठ अप्रैल 2022 को तीन लाख पचास हजार रुपये (कुल 22.50 लाख) आरोपियों को दिए। पर जून 2022 में जब परीक्षा का रिजल्ट आया तो उसमें जावेद का नाम नहीं था। उन्होंने आरोपियों से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने बात करने से भी इन्कार कर दिया।

रुपये वापस मांगने पर जान से मारने की धमकीजमशेद के अनुसार, छह अगस्त अगस्त 2023 को उसे पता चला कि आफताब, विनय शफीक के घर पर मौजूद हैं। इस पर शाम करीब 5 बजे वह वहां पहुंच गया। उसने तीनों से अपनी रकम वापस करने को कहा तो उन लोगों ने रुपये लौटाने से मना करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद जमशेद ने बृजमनगंज थाने पर सूचना दी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। निराश होकर पुलिस अधीक्षक महराजगंज को पत्र भेजा पर वहां भी उसकी फरियाद नहीं सुनी गई। हारकर कोर्ट की शरण ली, जिसके आदेश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया।

 

 

 

 

 

 

 

 

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