होर्मुज खुला, अमेरिका-ईरान डील लागू… लेकिन इन मुद्दों पर अब भी फंसा पेच

इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका और ईरान के बीच करीब चार महीने से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए हुआ अंतरिम समझौता गुरुवार से लागू हो गया. इसके बाद होर्मुज स्ट्रेट से तेल टैंकरों की आवाजाही फिर शुरू हो गई. अमेरिका ने भी ईरान पर लगाया नेवल ब्लॉकेड हटा दिया है. समझौते के लागू होने के बाद तेल की कीमतें 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गईं.

एक्सपर्ट्स का मानना है कि दुनिया के लगभग 20% तेल और गैस की सप्लाई वाले इस समुद्री रास्ते से आने वाले महीनों में व्यापार सामान्य हो सकता है. हालांकि कई बड़े मुद्दे अभी भी सुलझे नहीं हैं. लेबनान में इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच लड़ाई जारी है. गुरुवार को इजराइली सेना ने लेबनान में नए हवाई हमले किए. इससे सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह समझौता लंबे समय तक टिक पाएगा.

US ने ईरान को ज्यादा रियायतें दीं?

अमेरिका में भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना हो रही है. उनकी रिपब्लिकन पार्टी के कुछ नेताओं का कहना है कि युद्ध खत्म करने के लिए ट्रंप ने ईरान को बहुत ज्यादा रियायतें दे दी हैं. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मुज्तबा खामेनेई ने कहा कि ट्रंप ने यह समझौता मजबूरी में किया है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर आगे होने वाली बातचीत आसान नहीं होगी. अगर अमेरिका ज्यादा शर्तें रखेगा तो ईरान उन्हें नहीं मानेगा.

लंबी दूरी की मिसाइलों का मुद्दा

समझौते के तहत दोनों देशों को अगले 60 दिनों में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंतिम समझौते की कोशिश करनी होगी. डील में ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर के फंड और अन्य आर्थिक राहत का भी प्रावधान है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका बातचीत में ईरान की लंबी दूरी की मिसाइलों का मुद्दा भी उठाएगा.

जब ट्रंप ने युद्ध शुरू किया था, तब उनका लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना, उसकी मिसाइल क्षमता कम करना और क्षेत्रीय सहयोगी समूहों को मिलने वाला समर्थन रोकना था. लेकिन अभी तक इनमें से कोई भी लक्ष्य पूरी तरह हासिल नहीं हुआ है.

60 दिन तक होर्मुज पर ईरान का कंट्रोल

ईरान ने कहा है कि अगले 60 दिनों तक होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही उसके नियंत्रण में रहेगी. वह जहाजों को परमिट देगा और ट्रैफिक को नियंत्रित करेगा, लेकिन इस दौरान कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. वहीं ट्रंप और जेडी वेंस ने इजराइल से भी शांति प्रक्रिया का सम्मान करने और संघर्ष को आगे न बढ़ाने की अपील की है.