पटना: अनुष्का यादव, ये नाम लालू यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप के साथ पहले भी सुर्खियों में रहा है. इस बार अनुष्का के भाई आकाश और तेज प्रताप यादव का नाम एक विवाद में सामने आया है. दरअसल, पटना के पाटलिपुत्र थाना में पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. शिकायतकर्ता आकाश यादव ने आरोप लगाया है कि तेज प्रताप यादव ने उनके परिवार को धमकी दी, घर पहुंचकर घरवालों के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें फोन पर जान से मारने की धमकी भी दिलवाई. पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस मामले में अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव का आरोप है, “6 जून को तेज प्रताप यादव और मोती लाल यादव ने हमारे घर में जबरदस्ती घुसने की कोशिश की.
आकाश ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि उनकी और तेज प्रताप, दोनों की बहस हुई. इस बातचीत के बाद रात करीब 12:30 बजे हमें एक इंटरनेशनल नंबर से धमकी भरा फोन आया, जिससे हम डर गए. इसके बाद, हमने 10 जून को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. आकाश ने बताया कि उन्होंने कोर्ट में मामला दर्ज कराया है.”
VIDEO | Patna: Akash Yadav, brother of Anushka Yadav alleges, “On June 6, Tej Pratap Yadav and Moti Lal Yadav tried forced entry into our house. Aggressive talks happened over phone, at around 12.30 am, we got threat call from international number, then we were in fear. Then, we pic.twitter.com/n5tX21JYBR
— Press Trust of India (@PTI_News) June 18, 2026
क्या है मामला?
आकाश यादव ने आरोप लगाया कि 6 जून को पटना के पाटलिपुत्र इलाके में उनके घर पर तेज प्रताप यादव, मोती लाल यादव के साथ आते हैं और जबरन घर में घुसने की कोशिश करते हैं. आकाश ने बताया कि उस वक्त वो घर पर नहीं थे और खाटू श्याम गए हुए थे. आरोप है कि उसी दिन तेज प्रताप यादव उनके घर आए और सभी को धमकी दी. आकाश ने बताया कि उन्हें भी तेज प्रताप यादव मोतीलाल से फोन कराकर धमकी देते हैं.
मोतीलाल के फोन काटने के बाद एक और फोन आता है, जिसमें मोहित नाम का शख्स कहता है, “मैं लॉरेंस बिश्नोई का आदमी हूं, इसलिए मंत्री जी के खिलाफ कुछ नहीं बोलना.” इस मामले में आकाश ने फोनकॉल को सबूत के तौर पर कोर्ट में जमा भी किया है.
तेज प्रताप ने क्या कहा?
वहीं तेज प्रताप ने इस मामले को भ्रामक और तथ्यहीन बताया है. तेज प्रताप ने कहा कि वो किसी भी तरह के दबाव में नहीं हैं क्योंकि सत्य को किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती है. उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस व्यक्ति को उसके अभद्र, अपमानजनक, धमकीपूर्ण एवं असामाजिक व्यवहार के संबंध में विधिवत कानूनी नोटिस भेजा गया, उसने अपनी गलती स्वीकार करने या खेद व्यक्त करने के बजाय प्रतिशोध की भावना से प्रेरित होकर मेरे विरुद्ध एक झूठी एवं मनगढ़ंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने का प्रयास किया है. यह स्पष्ट रूप से मेरी सार्वजनिक छवि, सामाजिक प्रतिष्ठा और वर्षों से अर्जित जनविश्वास को धूमिल करने का एक सुनियोजित प्रयास प्रतीत होता है.
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस व्यक्ति को उसके अभद्र, अपमानजनक, धमकीपूर्ण एवं असामाजिक व्यवहार के संबंध में विधिवत कानूनी नोटिस भेजा गया, उसने अपनी गलती स्वीकार करने या खेद व्यक्त करने के बजाय प्रतिशोध की भावना से प्रेरित होकर मेरे विरुद्ध एक झूठी एवं मनगढ़ंत प्राथमिकी (FIR) pic.twitter.com/Mlo5O0zysa
— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14) June 18, 2026