शांति समझौते के बाद US-ईरान की पहली बैठक टली, इस वजह से स्विट्जरलैंड नहीं जाएंगे उपराष्ट्रपति वेंस

इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए शांति समझौते के बाद दोनों देशों के बीच तकनीकी स्तर की बातचीत होनी थी, लेकिन अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का स्विट्जरलैंड दौरा फिलहाल टाल दिया गया है. व्हाइट हाउस ने कहा है कि यात्रा और बातचीत की तैयारियों से जुड़ी कुछ लॉजिस्टिक दिक्कतों के कारण यह फैसला लिया गया है.

दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच हुए 14 पॉइंट्स वाले MoU के तकनीकी पहलुओं पर चर्चा के लिए शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के लुसर्न शहर में बैठक प्रस्तावित थी. इस बैठक में दोनों देशों के प्रतिनिधियों को समझौते की शर्तों को लागू करने और आगे की प्रक्रिया पर बातचीत करनी थी. हालांकि, जेडी वेंस ने पहले ही संकेत दिए थे कि उनका स्विट्जरलैंड दौरा अभी पूरी तरह तय नहीं हुआ है. वहीं ईरानी वार्ताकारों ने भी कहा था कि बातचीत की तारीख अभी अंतिम रूप से तय नहीं की गई है.

अब कब होगी बातचीत?

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा कि उपराष्ट्रपति वेंस ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी बताया था कि आगामी तकनीकी वार्ता की योजना अभी तय नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी डेलिगेशन जरूरत पड़ने पर तुरंत रवाना होने के लिए तैयार है, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली ऐसी वार्ताओं की व्यवस्था हमेशा जटिल और अनिश्चित रही है.

प्रवक्ता ने साफ कहा कि फिलहाल जेडी वेंस गुरुवार रात स्विट्जरलैंड नहीं जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि जैसे ही बातचीत की नई तारीख या अगला कदम तय होगा, उसकी जानकारी दी जाएगी.

60 दिन में सभी मुद्दों पर फैसला होगा

गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. इसका मकसद कई महीनों से चल रहे संघर्ष को खत्म करना है. समझौते के लागू होते ही युद्धविराम को आगे बढ़ा दिया गया और दोनों देशों को 60 दिनों के भीतर समझौते से जुड़े सभी तकनीकी और राजनीतिक मुद्दों पर अंतिम सहमति बनाने का समय दिया गया.

व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका इस शांति समझौते के पहले चरण को लागू करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने यह भी बताया कि समझौते में तय 60 दिनों की बातचीत की अवधि गुरुवार से आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है.