इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौते तथा संघर्षविराम की खबरों के बीच भारत के लिए बड़ी राहत सामने आई है। माल्टा के झंडे वाला एलएनजी टैंकर Disha सफलतापूर्वक Strait of Hormuz पार कर भारत की ओर बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि यह संघर्षविराम की घोषणा के बाद इस संवेदनशील समुद्री मार्ग को पार करने वाले पहले बड़े जहाजों में शामिल हो सकता है। जहाज गुजरात के Dahej Port पहुंचने वाला है। रिपोर्टों के अनुसार, टैंकर ‘दिशा’ 18 जून को दहेज बंदरगाह पहुंच सकता है। यह जहाज तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) लेकर भारत आ रहा है, जो देश की ऊर्जा जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
AIS चालू रखकर किया सफर
विशेष बात यह रही कि टैंकर ने पूरे सफर के दौरान अपना ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) चालू रखा। यह प्रणाली जहाज की स्थिति, दिशा, गति और गंतव्य की जानकारी प्रसारित करती है। रिपोर्ट के अनुसार, जहाज ने अपने AIS सिग्नल में भारत सरकार से जुड़े होने का संकेत भी प्रसारित किया। जानकारी के मुताबिक, जहाज ने युद्ध के दौरान बनाए गए विशेष वैकल्पिक मार्गों के बजाय संघर्ष से पहले इस्तेमाल होने वाले सामान्य समुद्री रास्ते का उपयोग किया। विश्लेषकों का मानना है कि इससे संकेत मिलता है कि जहाज की आवाजाही को क्षेत्रीय स्तर पर किसी प्रकार की बाधा का सामना नहीं करना पड़ा।
तीन महीने से खाड़ी क्षेत्र में था फंसा
रिपोर्टों के अनुसार, 277 मीटर लंबे और 44 मीटर चौड़े इस विशाल टैंकर को पिछले तीन महीनों से फारस की खाड़ी क्षेत्र में इंतजार करना पड़ रहा था। अब इसके आगे बढ़ने को क्षेत्र में तनाव कम होने के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान के साथ समझौता पूरा हो चुका है और होर्मुज जलडमरूमध्य को वैश्विक जहाजरानी के लिए खोलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वहीं ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने भी संकेत दिया है कि प्रस्तावित समझौते में सैन्य गतिविधियों को रोकने और समुद्री नाकेबंदी समाप्त करने जैसे प्रावधान शामिल हैं।