भारतीय संस्कृति को जीवंत कर रही कुश्ती दंगल – पूर्व विधायक शिवेंद्र सिंह चौधरी

सुनील पाण्डेय की रिपोर्ट-

-कुश्ती लड़ना एक कला है–पं राजेन्द्र नाथ त्रिपाठी

-कुश्ती विलुप्त परम्परा को यादगार बना रहा है–राजन तिवारी

आनन्दनगर, महराजगंज: कुश्ती -दंगल पुरानी परम्परा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।विलुप्त हो रही इस कला को आज जीवित करने की जरूरत है। इससे गांव, देहात के प्रतिभाओं को देश प्रदेश स्तर पर अपनी प्रतिभा विखेरने का अवसर मिलता है। उक्त बातें आज काक्षेश्वरनाथ के गोद में स्थित धानी बाजार में स्वर्गीय धीरज कुमार उर्फ राजू मिश्रा के स्मृति में आयोजित विराट दंगल का उद्घाटन करने व पहलवानों का हाथ मिलाने के पश्चात बतौर मुख्य अतिथि भाजपा के पूर्व विधायक चौधरी शिवेंद्र सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि गांव नगर में छिपी प्रतिभाओं को उचित प्लेट फार्म मिल जाए तो वह देश प्रदेश स्तर पर अपनी प्रतिभा विखेरने में पीछे नहीं रहेंगे।

विशिष्ट अतिथि के रूप में अखिल भारतीय व्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं राजेन्द्र नाथ त्रिपाठी ने कहा कि कुश्ती एक कला है। इससे शारीरिक, मानसिक,सामाजिक व आर्थिक विकास होता है और क्षेत्र के नवयुवक पहलवानों के सिंखने के लिए एक पुरस्कार भी है साथ ही साथ भारतीय संस्कृति की विलुप्त हो रही इस परम्परा को पुनः स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण उदाहरण भी यह विराट दंगल प्रतियोगिता है। समाजसेवी राजन तिवारी ने कहा कि कुश्ती लड़ना एक कला है। पहलवान बनना आसान है लेकिन कुश्ती/ दंगल प्रतियोगिता में प्रतिभाग करना यह अपने आप एक साहस और आत्मविश्वास ही है।

आयोजित कार्यक्रम में ओमप्रकाश त्रिपाठी, संतोष पाण्डेय,वरिष्ठ भाजपा नेता परमात्मा अग्रहरि, , केशव मणि ,राजेश त्रिपाठी, वरिष्ठ पत्रकार विशुनदेव, गोपाल सिंह, पीयूष मणि, अरूण चतुर्वेदी, संतोष दूबे,जय उपाध्याय, संजय,हरिप्रकाश पाण्डेय,सुधीर मिश्रा, विकास कुमार पाण्डेय,विनय मिश्रा, मुनाऊ पाठक, रामकुमार नायक,अनिल त्रिपाठी, कुंज बिहारी, राघवेन्द्र मिश्र , ग्राम प्रधान मौलिंद चौबे,संजय सहानी, सहित क्षेत्र के सम्मानित राजनीतिज्ञ, समाजसेवी ग्राम प्रधान व व्यवसायी, एवं शिक्षक मौजूद रहे। आयोजित विराट दंगल प्रतियोगिता का शुभारंभ स्वर्गीय धीरज उर्फ राजू मिश्र के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने के पश्चात शुभारंभ हुआ। इस दंगल प्रतियोगिता के आयोजक नितेश मिश्र व दीपांशु मणि रहे। दंगल प्रतियोगिता का समापन आठ जनवरी दिन रविवार को फाइनल मुकाबले के साथ होगा। अखाड़े का पूजन अर्चन अयोध्या हनुमान गढ़ी से पधारे पहलवान हरिओम व काक्षेश्वरनाथ शिव मंदिर के पुजारी अगस्त मिश्र ने संयुक्त रूप से हनुमान चालीसा शुभारंभ कर किया वहीं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चौकी इंचार्ज धानी अपने दल-बल के साथ मुस्तैद रहे।

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