लापता भारतीय छात्रा सुदीक्षा कोनांकी को मृत मान लिया गया है और अब उसकी तलाश भी बंद कर दी गई है। सुदीक्षा के माता-पिता ने भी बयान जारी कर कहा है कि अब वे इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि वह समुद्र की तेज लहरों में बह गई। सुदीक्षा के माता पिता का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें सुदीक्षा के भावुक पिता सुब्बारायडु कहते दिख रहे हैं अमेरिका और डोमिनिकन रिपबल्किन दोनों ही पक्षों ने मान लिया है कि घटना के वक्त लहरें बहुत तेज थीं और इस मामले में जो संदिग्ध युवक है जोशुआ रिबे, वह भी निर्दोष पाया गया है।
सुदीक्षा के माता-पिता ने जारी किया बयान
सुब्बारायडु ने भावुक होते हुए कहा कि ‘हम बहुत दुख और भारी मन के साथ ये मान चुके हैं कि हमारी बेटी समुद्र में बह गई है। यह हमारे लिए बेहद मुश्किल है। हम चाहते हैं कि आप लोग हमारी बेटी के लिए प्रार्थना करें।’ अमेरिका और डोमिनिकन रिपब्लिक की सरकारें सुदीक्षा की तलाश में जुटीं थीं और मामले की जांच कर रहीं थी। कई दिन की तलाश के बाद अब दोनों सरकारों ने लापता भारतीय छात्रा की खोज बंद करने का फैसला किया और इसके लिए सुदीक्षा के परिजनों से बयान जारी करा मंजूरी ली गई।
अपने दोस्तों के साथ डोमिनिकन रिपब्लिक घूमने गई थी सुदीक्षा
20 साल की सुदीक्षा एक भारतीय नागरिक थी और फिलहाल अमेरिका में बतौर स्थायी निवासी के तौर पर यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग में पढ़ाई कर रही थी। सुदीक्षा बीती 3 मार्च को अपने कुछ दोस्तों के साथ डोमिनिकन रिपब्लिक के पुंटा काना द्वीप पर छुट्टियां बिताने गई थी। 5 मार्च को सुदीक्षा अपने होटल के बार में शराब पीते देखी गई। इसके बाद उसे सुबह 4.15 बजे समुद्र तट पर देखा गया। सुदीक्षा के बाकी दोस्त सुबह पांच बजे लौट आए, लेकिन एक साथी जोशुआ रिबे के साथ सुदीक्षा तट पर ही ठहरी रही।
रिबे को संदिग्ध मानते हुए उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया था। हालांकि पूछताछ के बाद उसे संदिग्ध नहीं माना गया और छोड़ दिया गया। रिबे ने बताया कि वह तेज लहरों में बह गई। अब कई दिन की तलाश के बाद अथॉरिटीज ने सुदीक्षा को मृत मान लिया है और उसकी तलाश के लिए चलाए जा रहे अभियान को बंद करने का फैसला किया है।
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