2024 में कांग्रेस से हाथ मिलाएगी सपा? कहां से चुनाव लड़ेंगे अखिलेश, सपा प्रमुख ने बता दिया सबकुछ

 

नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव में भले ही अभी समय है लेकिन समाजवादी पार्टी अभी से पूरी तैयारी में जुट गई है। यूपी में रामपुर जैसा गढ़ गंवाने वाली समाजवादी पार्टी का कहना है कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी को मुश्किल होने वाली है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का कहना है कि 2024 में पार्टी की रणनीति लोगों की चाह को आवाज देने की है। अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग चाहते हैं यदि हम वो संदेश देने में कामयाब हो गए परिवर्तन होगा। अखिलेश ने कहा कि नेताजी ने विरासत में समाजवादी आंदोलन दिया है। उन्होंने बहुत संघर्ष से समाजवादी पार्टी बनाई। अखिलेश यादव ने कहा कि नेताजी हमें सेक्यूलर पॉलिटिक्स देकर गए।

2024 में किसके साथ जाएगी सपा
अगले लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का गठबंधन किस दल से होगा। समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय लोकदल के साथ रहेगी या बहुजन समाज पार्टी से हाथ मिलाएगी। इस सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा, भविष्य में क्या होगा इसके बारे में मैं अभी कुछ नहीं कह सकता हूं। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग अभी गठबंधन में हैं, हम लोग उन्हीं को लेकर साथ चल रहे हैं।

अगले लोकसभा चुनाव से पहले नया मोर्चा बनेगा?
साल 2024 में बीजेपी के मुकाबले कौन सा विपक्षी मोर्चा खड़ा होगा। अखिलेश यादव पहले ये बात कह चुके हैं कि उनकी नीतीश कुमार, ममता बनर्जी, के. चंद्रशेखर राव समेत अन्य नेताओं से बात चल रही है। साल 2024 के सवाल में कौन सी पार्टी खड़ी होगी। इस सवाल के जवाब देने में भी अखिलेश कन्नी काट गए। अखिलेश ने तीसरे मोर्चे पर कुछ भी साफ रूप से कहने से इनकार कर दिया।

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2024 में कहां से चुनाव लड़ेंगे अखिलेश
साल 2024 में सपा की तरफ से प्रधानमंत्री पद की दावेदारी को लेकर अखिलेश ने स्थिति साफ कर दी। पीएम पद का उम्मीदवार बनने को लेकर अखिलेश ने साफ कहा कि मेरा इतना बड़ा सपना नहीं है। अगले साल लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि वह लोकसभा का चुनाव जरूर लड़ेंगे। सपा प्रमुख ने कहा कि कन्नौज या कहीं और या किस सीट से चुनाव लड़ना है यह पार्टी तय करेगी। उन्होंने कहा कि पीएम बनने का सपना नहीं है।

सपा से सिर्फ यादव, मुस्लिम नहीं सभी वर्ग के लोग जुड़े हैं
जातिवादी राजनीति- मुस्लिम और यादव की राजनीति के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी का यह नैरेटिव है और जो हमारी विपक्षी पार्टी है, मुस्लिम और यादव पार्टी की ताकत है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी से हर धर्म और वर्ग के लोग जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि हमें कमजोर दिखाने के लिए एमवाई का फॉर्म्यूला दिखाया जाता है। उन्होंने कहा कि हमनें मैनपुरी में 65 परसेंट वोट हासिल किए हैं। अगर हमें इतना वोट मिला है तो क्या यह सिर्फ एमवाई वोट हैं। अखिलेश ने कहा कि एमवाई का मतलब महिलाएं और यूथ है।

‘जनता मुझे चुनती है इसके लिए मैं दोषी हूं’
2017 और 2022 में बीजेपी की जीत को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि आप पीएम मोदी और सीएम योगी की स्पीच निकाल कर देख लीजिए। पीएम ने एक सभा में 25 बार घोर परिवारवादी कहा था। अखिलेश ने सवाल उठाया कि क्या बीजेपी में परिवारवाद नहीं हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि यदि मुझे जनता चुनती है तो उसके लिए मैं दोषी हूं। उन्होंने कहा कि यदि जनता मुझे चुनती है तो क्या इसके लिए जनता जिम्मेदार है। अखिलेश यादव ने सपा का अध्यक्ष चुने जाने पर कहा कि यह पद नॉमिनेशन से नहीं मिलता है।

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समाज को बांटने की राजनीति करती है बीजेपी
बीजेपी की पॉलिटिक्स हिंदू-मुस्लिम को बांटने की है। बीजेपी समाज को बांटती है और वोट हासिल करती है। अखिलेश ने कहा कि बीजेपी प्रॉपगैंडा करती है, इससे उसे फायदा मिलता है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि बीजेपी का संगठन मजबूत है, उनकी जीत में इसका भी अहम रोल होता है। अखिलेश ने कहा कि मतभेद किस दल में नहीं है। उन्होंने कहा कि बीजेपी में बहुत मतभेद हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी में थोड़ा सा भी कुछ होता है तो सबको दिख जाता है।
महंगाई-बेरोजगारी चरम पर, बीजेपी के लिए मुश्किल
अखिलेश यादव ने कहा कि देश में महंगाई और बेरोजगारी चरम पर है। उन्होंने कहा कि इस बार परिस्थितियां ऐसी बन गई है कि बीजेपी मुकाबला नहीं कर पाएगी।

 

 

 

 

 

 

 

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