महराजगंज: राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा ग्राम शेषफरेंदा और अराजी सरकार उर्फ केवटलिया में स्वच्छता मेले का आयोजन

विजय नाथ पाण्डेय की रिपोर्ट-

खनुआ/महराजगंज: राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन, नमामि गंगे, और ग्रामीण जल पूर्ति विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा “जल जीवन मिशन हर घर जल” योजना के अंतर्गत नौतनवा ब्लाक के ग्राम शेषफरेंदा और अराजी सरकार उर्फ केवटलिया में जल गुणवत्ता और जल जनित रोगों एवं स्वास्थ्य प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए स्वच्छता मेले का सफल आयोजन किया गया। इस मेले का उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को स्वच्छ पेयजल के महत्व, जल जनित बीमारियों से बचाव और स्वास्थ्य पर इनका प्रभाव समझाना था।

इस आयोजन में स्थानीय ग्रामीणों की बड़ी संख्या में भागीदारी देखने को मिली। मेले में विभिन्न स्टाल लगाए गए थे, जहां जल गुणवत्ता परीक्षण के तरीके, स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति, और जल जनित रोगों के बारे में जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को बताया कि किस प्रकार दूषित जल के सेवन से होने वाले रोगों से बचा जा सकता है और स्वच्छ जल की नियमित उपयोगिता कितनी महत्वपूर्ण है।

मेले के दौरान आयोजित कार्यक्रम में जल गुणवत्ता परीक्षण का प्रदर्शन किया गया। लोगों को यह सिखाया गया कि वे अपने घरेलू पानी की गुणवत्ता को कैसे परख सकते हैं और इसके लिए किन उपकरणों और तरीकों का उपयोग कर सकते हैं। इस मौके पर विशेषज्ञों ने बताया कि जल के दूषित होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे खुले में शौच, खराब सीवरेज सिस्टम, और कचरे का जल स्रोतों में मिलना। इन समस्याओं से निपटने के लिए लोगों को नियमित रूप से अपने पेयजल स्रोतों की सफाई और परीक्षण करने की सलाह दी गई।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि दूषित जल के सेवन से होने वाली बीमारियों में डायरिया, हैजा, टाइफाइड, और हेपेटाइटिस प्रमुख हैं। इन बीमारियों से बचाव के लिए स्वच्छता का पालन करना आवश्यक है। लोगों को हैंडवॉशिंग तकनीक, शौचालयों का सही उपयोग, और सुरक्षित जल संग्रहण के तरीके भी सिखाए गए।

इस मौके पर उपस्थित ग्रामीणों ने बताया कि स्वच्छता मेले से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला। “हमें अब पता चला है कि स्वच्छ पानी का हमारे स्वास्थ्य पर कितना गहरा प्रभाव होता है। अब हम अपने गांव में नियमित रूप से पानी की गुणवत्ता की जांच करेंगे और स्वच्छता का ध्यान रखेंगे.

राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिकारियों ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि “जल जीवन मिशन” का उद्देश्य हर घर में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इसके लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं और इस तरह के मेले और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है ताकि लोग स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो सकें।

इस आयोजन के माध्यम से ग्रामीण समुदाय को जल गुणवत्ता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने का सफल प्रयास किया गया। इससे न केवल लोगों को स्वच्छ पेयजल का महत्व समझ में आया, बल्कि उन्होंने इसे अपनी दैनिक जीवनशैली में शामिल करने का संकल्प भी लिया। इस प्रकार के आयोजन से निश्चित रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में जल जनित बीमारियों की दर में कमी आएगी और लोगों का स्वास्थ्य बेहतर होगा।

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