महराजगंज, (आनन्द श्रीवास्तव): भगवान बुद्ध से जुड़े ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के स्थल रामग्राम में बहुप्रतीक्षित उत्खनन कार्य का शुभारंभ सोमवार को हुआ। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने वैदिक मंत्रोच्चार और धम्म पाठ के साथ विशेष पूजा-अर्चना कर इस ऐतिहासिक परियोजना की शुरुआत की। इस मौके पर पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह, सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
रामग्राम: ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व-
बौद्ध धर्मग्रंथों के अनुसार, भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद उनकी अस्थियों को आठ हिस्सों में बांटा गया था। इनमें से सात अस्थि स्तूपों की पहचान पहले ही हो चुकी है। आठवें अस्थि स्तूप के रामग्राम में होने की मान्यता है। यह स्थान महराजगंज जनपद के चौक जंगल क्षेत्र में स्थित है, जिसे कन्हैया बाबा के टीले के नाम से जाना जाता है। यहां बौद्धकालीन अवशेषों के साथ एक विशाल स्तूप, पुष्करिणी (जलाशय), और बौद्ध बिहार के खंडहर पाए गए हैं।
चीनी यात्री युवांगच्वांग द्वारा दर्ज किए गए विवरण और स्थलाकृतिक मानचित्रण के आधार पर रामग्राम की पहचान चौक कस्बे के पश्चिमोत्तर कोढ़िया जंगल में की गई है। पुरातत्व विभाग द्वारा यहां कई एकड़ में बिखरे खंडहर और एक प्राचीन नगर के अवशेषों का भी पता लगाया गया है।
रामग्राम उत्खनन कार्य में वन विभाग की अनुमति एक बड़ी बाधा थी। जिला प्रशासन के प्रयासों से वन विभाग ने पुरातत्व विभाग को उत्खनन की अनुमति दे दी। इससे पहले, भगवान बुद्ध के ननिहाल देवदह का उत्खनन कार्य शुरू हो चुका है।
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा, “यह उत्खनन भारतीय इतिहास और बौद्ध धर्म की प्रामाणिकता को स्थापित करने का एक प्रयास है। यदि रामग्राम की प्रामाणिकता प्रमाणित होती है, तो यह क्षेत्र बौद्ध सर्किट का हिस्सा बन जाएगा, जिससे पर्यटन और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।”
डॉ. आफताब हुसैन के नेतृत्व में भारतीय पुरातत्व विभाग की 15 सदस्यीय टीम ने खुदाई के लिए कन्हैया बाबा के टीले पर पहुंचकर लेआउट तैयार कर लिया है। खुदाई के दौरान बौद्धकालीन अवशेषों को सुरक्षित रखने के लिए विशेष उपकरण और तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के माध्यम से खुदाई की पूरी प्रक्रिया का दस्तावेजीकरण भी किया जाएगा।
इस ऐतिहासिक अवसर पर जिलापंचायत अध्यक्ष रविकांत पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय पांडेय, नगर पंचायत अध्यक्ष संगीता देवी, एडीएम डॉ. पंकज वर्मा, डीएफओ निरंजन सुर्वे, एसडीएम रमेश कुमार, और अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह और सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया ने भी इस मौके पर उत्खनन के महत्व पर प्रकाश डाला।
उत्खनन कार्य के दौरान रामग्राम की प्रामाणिकता साबित होने की स्थिति में इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बौद्ध तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे बौद्ध धर्म से जुड़े श्रद्धालुओं के लिए यह स्थान आकर्षण का केंद्र बनेगा और क्षेत्र का सामाजिक-आर्थिक विकास सुनिश्चित होगा।
रामग्राम के उत्खनन से केवल ऐतिहासिक महत्व ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और बौद्ध धर्म की धरोहरों को संरक्षित करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम उठाया गया है।