कर्तव्य पथ, VVIP मजदूर, मिस्र का मार्चिंग दस्ता… बेहद खास है इस बार का गणतंत्र दिवस

आज (26 जनवरी) भारत 74वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. यह पहली बार है जब गणतंत्र दिवस की परेड राजपथ नहीं बल्कि कर्तव्य पथ से होकर गुजरेगी. वहीं इस साल समारोह के मुख्य अतिथि मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी होंगे. खास बात यह भी है कि गणतंत्र दिवस की परेड में मिस्र के सैन्य दल के सदस्य भी शामिल हो रहे हैं. वहीं हर बार की तरह इस बार भी कई राज्यों की झांकियां शामिल होंगी. साथ ही वायुसेना के 50 विमान भी अपना पराक्रम दिखाएंगे.

वहीं राजपथ से कर्तव्य पथ पर बढ़ते भारत की एक नजीर यूं भी देखने को मिलेगी कि पहली बार गणतंत्र दिवस की परेड देखने के लिए सबसे पहली लाइन में वीवीआईपी नहीं होंगे. बल्कि रिक्शा चालक, फुटपाथ के दुकानदार, कर्तव्य पथ को विकसित करने वाले मजदूर और उनके परिवार के लोग बैठेंगे. बता दें कि भारत सरकार ने इन्हें श्रमजीवी का नाम दिया है. इससे पहले, समारोह में पहली लाइन वीवीआईपी लोगों के लिए रिजर्व होती थी.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक समारोह के दौरान सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में काम करने वाले मजदूरों को भी सम्मानित किया जाएगा. साथ ही परेड के दौरान महिला शक्ति का भी प्रदर्शन देखने को मिलेगा. भारतीय वायु सेना के मार्चिंग दल का नेतृत्व इस बार स्क्वाड्रन लीडर सिंधु रेड्डी करेंगी. इसके अलावा भी कई मार्चिंग दस्तों में सिर्फ महिलाएं होंगी. इसके अलावा भी एक ख़ास बात और यह है कि परेड में सेना के अलावा डीआरडीओ और पूर्व सैनिकों की झांकी भी शामिल की जा रही है.

दरअसल गणतंत्र दिवस की परेड में पहली बार, मिस्र के सशस्त्र बलों का एक संयुक्त बैंड और मार्च टुकड़ी औपचारिक परेड में भाग लेंगे. टुकड़ी में 144 सैनिक शामिल होंगे, जो कर्नल एल्खारासावी के नेतृत्व में मिस्र के सशस्त्र बलों की मुख्य शाखाओं का प्रतिनिधित्व करेंगे. गणतंत्र दिवस समारोह में मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतह अल-सीसी मुख्य अतिथि होंगे. भारतीय सेना द्वारा बुधवार को मिस्र की सैन्य टुकड़ी के लिए एक स्वागत समारोह आयोजित किया गया था. परेड की पूर्व संध्या पर कर्नल एल्खारासावी और दल के कुछ सदस्यों ने भारत में आने को लेकर खुशी जाहिर की.

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कर्नल एल्खारासावी ने कहा कि हम भारत में आकर खुश हैं और यह हमारी पहली यात्रा है. भारत एक महान देश है, और इसकी मिस्र जैसी महान सभ्यता है. हम पिछले कुछ दिनों से यहां हैं और वर्दी में हमारे भारतीय दोस्त भी हमें घर जैसा महसूस कराने में मदद कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि टुकड़ी में हर कोई गणतंत्र दिवस को होने वाले भव्य कार्यक्रम का इंतजार कर रहा है, जब हमें भी प्रदर्शन करने का मौका मिलेगा. वर्दी और लाल रंग की टोपी पहने कुछ सदस्यों ने अपनी पहली भारत यात्रा के अनुभव साझा किए.

दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद

दिल्ली में गणतंत्र दिवस से पहले किसी भी अप्रिय घटना को टालने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है. अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि पुलिस ने नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों की रोकथाम के लिए जांच तेज़ कर दी है और सत्यापन अभियान के साथ ही गश्त बढ़ा दी है. अधिकारियों ने बताया कि लगभग छह हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है और समारोह में आने वालों के लिए नयी दिल्ली जिले में कुल 24 हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं. पुलिस ने बताया कि बम निरोधक दस्ता और श्वान दल बाजारों, भीड़-भाड़ वाले इलाकों और अन्य अहम क्षेत्रों में जांच कर रहे हैं.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले दो-तीन महीने से होटलों, धर्मशालाओं, गेस्ट हाउस, सिनेमा हॉल, पार्किंग स्थल और बस अड्डों पर सत्यापन अभियान चलाया जा रहा था. इसके अलावा, पुलिस कर्मियों के साथ-साथ अर्धसैनिक बल के जवानों को सुरक्षा के बारे में नियमित रूप से जानकारी दी जा रही है. पुलिस ने कहा कि दिन और रात की गश्त तेज कर दी गई है, जबकि सार्वजनिक घोषणा प्रणाली के माध्यम से श्रव्य और दृश्य संदेशों को बाजारों जैसे भीड़-भाड़ वाले इलाकों में दिखाया-सुनाया जा रहा है.

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उन्होंने कहा कि अहम इलाकों में सीसीटीवी कैमरों को लगाया गया है तथा कुछ कैमरे चेहरा पहचान करने वाली सुविधा से लैस हैं. उनके मुताबिक, पूरे शहर में पुलिस की मौजूदगी को बढ़ाया गया है तथा पैदल गश्त की जा रही है एवं नाकों पर भी जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस होटल और लॉज की भी जांच कर रही है और साथ ही वहां के कर्मचारियों को किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि के बारे में तुरंत पुलिस को सूचित करने के लिए संवेदनशील कर रही है.

पुलिस ने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह में लगभग 60,000 से 65,000 लोगों के आने की उम्मीद है. नयी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) प्रणव तयाल ने कहा कि इस साल प्रवेश पास पर दिए गए क्यूआर कोड के आधार पर होगा. बिना वैध पास या टिकट के किसी भी व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. डीसीपी ने कहा कि 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और उनमें से कुछ चेहरा पहचान वाली प्रणाली से लैस हैं.

पुलिस ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की ड्रोन रोधी टीम को भी तैनात किया जाएगा. उन्होंने बताया कि मध्य दिल्ली में बहुमंजिला इमारतों पर सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि सुरक्षाकर्मी किसी भी तरह के खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं

दिल्ली पुलिस ने 15 फरवरी तक पैरा-ग्लाइडर, पैरा-मोटर, हैंग-ग्लाइडर, यूएवी, यूएएस, माइक्रोलाइट विमान, रिमोट संचालित विमान, गर्म हवा के गुब्बारे, छोटे आकार के विमान आदि को उड़ाने पर रोक लगाई हुई है. पुलिस ने कहा कि कई जिलों ने आतंकवाद विरोधी उपायों से संबंधित अपनी तैयारियों को देखने के लिए मॉक ड्रिल भी की है. अधिकारियों ने कहा कि इस साल, सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिरिक्त नाके लगाए गए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि शरारती तत्व राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश न कर सकें.

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