इस दिवाली पटाखों की बिक्री और भंडारण पूरी तरह से बैन कर दिया गया है. यही नहीं, पूरी दिल्ली इसकी निगरानी के लिए कुल 377 टीमें बनाई गई हैं. इनमें 300 टीमें पुलिस की हैं तो 77 टीमें राजस्व विभाग ने बनाई हैं. इन सभी टीमों को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि पूरे दिल्ली में कहीं से भी पटाखों की आवाज नहीं आनी चाहिए. सरकारी आदेश के बाद इन सभी टीमों ने गली मुहल्लों में घूमना शुरू कर दिया है. इसी क्रम में दिल्ली सरकार ने दिल्ली पुलिस को आरडब्ल्यूए, मार्केट एसोसिएशन और धार्मिक समितियों के साथ बैठकर जन जागरुकता के भी निर्देश दिए हैं.
दिल्ली सचिवालय में मंगलवार को पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने इस संबंध में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में तय किया गया है कि इस दिवाली पूरे दिल्ली में कहीं भी पटाखों की बिक्री नहीं होने दी जाएगी. उधर, मीटिंग के बाद एक्शन में आई निगरानी टीमों ने अलग अलग स्थानों से 19 हजार 5 किलोग्राम पटाखे जब्त किए हैं. पर्यावरण मंत्री गोपाल राय के मुताबिक ठंड बढ़ने के साथ ही ही दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए 21-प्वाइंट विंटर एक्शन प्लान को लागू कर दिया गया है.
पटाखों की बिक्री पर 79 मुकदमे जब्त
इस प्लान को लेकर दिल्ली सरकार गंभीर है. इस संबंध में पिछले दिनों उनकी केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ भी बैठक हुई थी. इसमें उन्होंने पूरे एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की थी. कहा कि NCR में छोड़े गए पटाखों का दुष्प्रभाव दिल्ली की हवा पर पड़ता है. इससे दिल्ली वासियों को आंखों में जलन और सांस लेने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है. पर्यावरण मंत्री गोपाल राय के मुताबिक पटाखों पर लगे प्रतिबंध को कड़ाई से लागू करने के लिए दिल्ली पुलिस की टीमें एक्शन में हैं. अब तक पुलिस ने पटाखों की बिक्री और भंडारण से संबंधित कुल 79 मुकदमे दर्ज किए हैं.
अब तक 19 हजार किलो पटाखे जब्त
वहीं पटाखा बेचने वालों के पास से पुलिस ने 19 हजार 5 किलोग्राम पटाखे जब्त भी किए हैं. उन्होंने बताया कि इसी क्रम में अब उन लोगों को भी चिन्हित किया जाएगा जो पटाखे बजा रहे हैं. ऐसे लोगों के खिलाफ भी पुलिस नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करेगी. कहा कि इस दिवाली दिल्ली सरकार ने जन जागरूकता के लिए “दीए जलाओ, पटाखे नहीं” अभियान शुरू किया है. दिल्ली में रहने वाले हरेक व्यक्ति को इस अभियान से जोड़ने की कोशिश हो रही है. इसके लिए विभिन्न संस्थाओं के साथ मिलकर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.