चंदा कोचर मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट का सीबीआई को आदेश, 6 जनवरी तक दे इसका जवाब

ICICI Videocon Loan Case : बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी और एमडी चंदा कोचर और उनके व्यवसायी-पति दीपक कोचर की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (Central Bureau Of Investigation) को 6 जनवरी तक का समय दिया है. कोचर दंपति ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए अपने रिमांड आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट का रुख किया है. जेल से अपनी रिहाई की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि उनके बेटे की इस महीने के अंत में शादी हो रही है और मेहमानों को निमंत्रण पहले ही भेजा जा चुका है.

सीबीआई की एक विशेष अदालत ने लोन धोखाधड़ी मामले में आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ और एमडी चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर और वीडियोकॉन ग्रुप के संस्थापक वेणुगोपाल धूत को 10 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. तीनों को गुरुवार को उनके पहले के रिमांड के अंत में विशेष न्यायाधीश एसएच ग्वालानी के समक्ष पेश किया गया था. विशेष सरकारी वकील ए लिमोसिन द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए सीबीआई ने आगे उनकी हिरासत की मांग नहीं की. इसके बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को 10 जनवरी, 2023 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.

केंद्रीय एजेंसी ने मांगा समय

सीबीआई ने इस मामले में 23 दिसंबर को चंदा और दीपक कोचर को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद दंपति को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था. मंगलवार को जब उच्च न्यायालय ने गिरफ्तारी के खिलाफ उनकी याचिका पर विचार किया तो केंद्रीय एजेंसी ने अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा. दीपक कोचर के वकील विक्रम चौधरी ने बताया कि उनके मुवक्किल के बेटे की शादी इस महीने के अंत में होनी है और निमंत्रण पत्र वितरित किए जा चुके हैं.

ये भी पढ़े-  मुकेश अंबानी की एक और शॉपिंग : अब 100 साल पुरानी इस देसी कोल्ड ड्रिंक कंपनी का करेंगे अधिग्रहण

व्यवसायी को धोखे से किया गिरफ्तार

चंदा कोचर के वकील ने अदालत को बताया कि व्यवसायी को मामले में अपना बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था, लेकिन उसे धोखे से गिरफ्तार कर लिया गया. धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उनके खिलाफ एक मामले में अभियोजन पक्ष ने बयान दिया था कि उनकी गिरफ्तारी की आवश्यकता नहीं है. लेकिन सीबीआई ने ऋण धोखाधड़ी मामले की जांच में असहयोग का हवाला देते हुए आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ को गिरफ्तार कर लिया. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनके खिलाफ पीएमएलए के तहत दायर एक अलग मामले में कोचर को आरोपी बनाया गया है.

बता दें कि वकीलों ने बेटे की आगामी शादी के कारण दंपति की अंतरिम रिहाई की मांग की. हालांकि उच्च न्यायालय ने कहा कि सीबीआई को याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया जाना चाहिए और मामले को शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया है.

सीबीआई ने लगाया ये आरोप

जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि 2009 में आईसीआईसीआई बैंक ने बैंकिंग विनियमन अधिनियम, आरबीआई दिशानिर्देशों और निजी ऋणदाता की क्रेडिट नीति का उल्लंघन करते हुए वीडियोकॉन समूह की कंपनियों को 3,250 करोड़ रुपये का क्रेडिट स्वीकृत किया था. सीबीआई ने आरोप लगाया है कि ऋण के वितरण के अगले दिन, धूत ने एसईपीएल के माध्यम से वीआईईएल से एनआरएल को 64 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए. उस समय, चंदा कोचर प्रमुख निजी क्षेत्र के बैंक की प्रमुख थीं. जांच एजेंसी ने मामले में धूत को भी गिरफ्तार किया है और वह भी न्यायिक हिरासत में है.

ये भी पढ़े-  ब्याज बढ़ने से बढ़ गई Home Loan EMI, ये तरीका घटाएगा किश्त का बोझ

 

 

 

 

 

 

 

 

Source link

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: