अमेरिका के बाद भारत भी बनाएगा 6th जेनरेशन लड़ाकू विमान, ट्रायल फेज में पहुंचा AMCA जेट प्रोग्राम, F-47 NGAD की तरह होगा ताकतवर?

अमेरिका के बाद भारत भी बनाएगा 6th जेनरेशन लड़ाकू विमान, ट्रायल फेज में पहुंचा AMCA जेट प्रोग्राम, F-47 NGAD की तरह होगा ताकतवर?

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने F-47 NGAD छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के निर्माण की घोषणा कर दी है। अमेरिकी सरकार ने इसके लिए 20 अरब डॉलर का शुरूआती बजट लड़ाकू विमानों का निर्माण करने वाली कंपनी बोइंग को दिया है। इस बजट में इस फाइटर जेट के लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट का काम होगा, जिसके तहत इंजन का निर्माण किया जाएगा, नये कम्युनिकेशन सिस्टम, रडार सिस्टम, एवियोनोमिक्स समेत कई तरह के डेवलपमेंट्स और किए जाएंगे। यानि अमेरिका दुनिया का पहला ऐसा देश बन सकता है, जिसके पास अपना छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान होगा। हालांकि चीन भी जे-36 छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान के प्रोटोटाइप का खुलासा कर चुका है। दावे किए गये हैं कि जे-36 एक छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान होगा। लेकिन दूसरी तरफ भारत में अभी पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान का प्रोजेक्ट भी कम से कम 10 साल दूर है। लिहाजा भारत दुविधा में फंसा हुआ है।इंडियन डिफेंस रिसर्च विंग यानि IDRW ने अपनी एक रिपोर्ट में भारतीय वायुसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा है कि भारत की भी योजना छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के निर्माण की है। अधिकारी ने नाम नहीं बताने की शर्त पर खुलासा किया है कि छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के निर्माण की योजना भारत के रणनीतिक बदलाव को दर्शाता है। हालांकि एयरफोर्स के अधिकारी ने ये भी बताया कि इस तरह के एडवांस विमान बनाने की किसी भी योजना के लिए नए सिरे से डिजाइन की आवश्यकता होगी और फिलहाल भारत की क्षमताओं के हिसाब से एक बहुत बड़ी छलांग होगी।

भारत बना रहा है फिफ्थ जेनरेशन फाइटर जेट-
आपको बता दें कि भारत फिलहाल एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है, जिसके तहत पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान बनाए जा रहे हैं। इसका डेवलपमेंट एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) कर रहा है। IDRW की रिपोर्ट में भारतीय वायुसेना के अधिकारी ने सुझाव दिया है कि AMCA प्रोजेक्ट के तहत भारत का लक्ष्य साल 2028 तक पहले विमान का फ्लाइट टेस्ट करना है। और ये वक्त इंडियन एयरफोर्स और ADA के लिए छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के निर्माण के लिए कंसेप्ट बनाने के लिए बिल्कुल सही समय होगा। अधिकारी ने बताया है कि “एक बार AMCA उड़ान भरना शुरू कर दे तो फिर इंडियन एयरफोर्स और ADA छठी पीढ़ी के लड़ाकू जेट के डेवलपमेंट पर विचार-विमर्श शुरू कर सकता है।” अधिकारी का मानना है कि पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के निर्माण के बाद भारत के पास जो एक्सप्रिएंस होगा, वो अमूल्य होगा और ये ज्ञान छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के निर्माण में काफी काम आंएंगे।
SU-30MKI लड़ाकू विमान का भविष्य क्या होगा?
आपको बता दें कि SU-30MKI लड़ाकू विमान फिलहाल भारतीय वायुसेना के बेड़े की रीढ़ है। SU-30MKI लड़ाकू विमान के भविष्य के बारे में बात करते हुए वायुसेना के अधिकारी ने कहा है कि इन जेट विमानों के ऑपरेशनल लाइफ को 2060 से भी आगे ले जाने की योजना है। हालांकि उस वक्त तक SU-30MKI लड़ाकू विमानों की संख्या काफी कम हो जाएगी। IDRW ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस दौरान एक बार फिर से भारतीय वायुसेना के अधिकारी के साथ बातचीत छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की तरफ मुड़ गई। जिसमें अधिकारी ने साफ किया है कि नया फाइटर जेट सिर्फ SU-30MKI लड़ाकू विमान की जगह नहीं लेगा, बल्कि ये फाइटर जेट नेक्स्ट जेनरेशन के प्रतिनिधि होंगे।
हालांकि वायुसेना के अधिकारी ने इस बात को स्वीकार किया है कि “किसी भी 6वीं पीढ़ी का प्रस्ताव मौजूदा AMCA के मुकाबले काफी भारी प्रोजेक्ट होगा।” AMCA का मैक्सिमम टेक-ऑफ वजन (MTOW) 27 टन है। आकार और वजन में यह इजाफा शायद ज्यादा एडवांस सिस्टम, हथियारों और संभावित रूप से नई प्रणोदन टेक्नोलॉजी को शामिल करने के बाद होगी। छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों का निर्माण कतई आसान नहीं है। 6वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान को बनाने के लिए शुरू से ही टेक्नोलॉजिकल दिक्कतें आएंगी। टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन के अलावा, भारी भरकम बजट और अत्याधुनिक तकनीकों के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग शामिल हैं। फिर भी अगर भारत 6वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान को बनाने के लिए आगे बढ़ता है तो भारत के लिए ग्लोबल लीडर बनने का बड़ा मौका होगा।

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