नई दिल्लीः टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में अतिरिक्त सात करोड़ अमेरिकी डॉलर का प्रावधान करेगी। अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के कंप्यूटर साइंसेज कॉर्पोरेशन (अब डीएक्ससी टेक्नोलॉजी का हिस्सा) के साथ कानूनी विवाद में निचली अदालत के फैसले की समीक्षा करने से इनकार करने के बाद कंपनी ने यह फैसला किया है।
टीसीएस ने मंगलवार को बीएसई को दी गई सूचना में बताया कि उसने इस मामले के लिए पहले ही लागू लेखा मानकों के अनुसार 15 करोड़ डॉलर का प्रावधान किया हुआ है। कंपनी ”अब सात करोड़ अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त राशि का प्रावधान करेगी जो हर्जाना, ब्याज और कानूनी लागत के रूप में एक बार के असाधारण खर्च के तौर पर वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में दर्ज किया जाएगा।” टीसीएस ने जून 2024 और नवंबर 2025 को शेयर बाजार को दी सूचना में इस मुकदमे का खुलासा किया था।
कंप्यूटर साइंसेज कॉरपोरेशन/डीएक्ससी टेक्नोलॉजी द्वारा दायर मुकदमे पर अद्यतन देते हुए टीसीएस ने मंगलवार को बताया कि अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने निचली अदालत के फैसले की समीक्षा करने से इनकार कर दिया है। कंपनी ने कहा, ” …14 जून 2024 और…22 नवंबर 2025 की हमारी पूर्व सूचना के क्रम में, हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने 15 जून 2026 को इस मामले में ‘यूनाइटेड स्टेट्स कोर्ट ऑफ अपील्स फॉर द फिफ्थ सर्किट’ के निर्णय की समीक्षा के लिए हमारी याचिका को खारिज कर दिया है।” इससे पहले ‘यूएस कोर्ट ऑफ अपील्स फॉर द फिफ्थ सर्किट’ ने 19.42 करोड़ डॉलर के हर्जाने के आदेश को बरकरार रखते हुए कंप्यूटर साइंसेज कॉरपोरेशन के पक्ष में फैसला दिया था। यह मामला व्यापारिक रहस्यों से जुड़ा है।